Viral: पीएम-शिक्षा मंत्री पर पोस्ट के बाद युवक से मांगी माफी, वीडियो वायरल


मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के नारायणगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरसोल गांव में सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी को लेकर विवाद गरमा गया है। एक आदिवासी युवक ने आरोप लगाया है कि उसकी पोस्ट से नाराज होकर कुछ लोगों ने देर रात उसके घर पर धावा बोल दिया। पीड़ित का…

मंदसौर: सोशल मीडिया पोस्ट पर बवाल, आदिवासी युवक को धमकाने का आरोप

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के नारायणगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरसोल गांव में सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी को लेकर विवाद गरमा गया है। एक आदिवासी युवक ने आरोप लगाया है कि उसकी पोस्ट से नाराज होकर कुछ लोगों ने देर रात उसके घर पर धावा बोल दिया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने न केवल उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी है।

पीड़ित युवक की पहचान रमेश (पिता सुमेर सिंह भील) के रूप में हुई है। रमेश का कहना है कि उसने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीखी टिप्पणी की गई थी, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ माफी मंगवाने का वीडियो

इस पूरे मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक आदिवासी युवक रमेश को घेरकर उससे हाथ जुड़वाकर माफी मंगवाते हुए साफ देखे जा सकते हैं। इस दौरान एक युवक धमकी भरे लहजे में यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि यदि प्रधानमंत्री के बारे में कुछ कहने पर शर्म आ रही है, तो वे भारत छोड़कर जा सकते हैं। साथ ही, उसने चेतावनी दी कि अगर उन जैसे कार्यकर्ता पहुंच गए तो अंजाम बुरा होगा।

  • आरोपी कन्हैयालाल और उसके साथी सोमवार रात करीब 11 बजे पीड़ित के घर पहुंचे थे।
  • पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया है।
  • वायरल वीडियो में आरोपी युवक द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है।

थाने के घेराव से गरमाया माहौल

इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण और स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को नारायणगढ़ थाने का रुख किया। जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजेश मालेचा और वरिष्ठ नेता अजित कुमठ समेत कई कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक थाने का घेराव किया और आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

पुलिस का आश्वासन और आगे की राह

प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे आदिवासी समुदाय के सम्मान से जोड़ते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे। फिलहाल, वायरल वीडियो में दिख रहे मुख्य युवक की पहचान और उसके राजनीतिक संबंधों की जांच की जा रही है।