शादी के नाम से कांप रहे युवक, सतना के एक गांव में पसरा सन्नाटा
गांव की चौपालों पर इन दिनों एक ही चर्चा है— “अब शादी करने से पहले सौ बार सोचना होगा, क्योंकि शादी के बाद जीवन सुरक्षित रहने की कोई गारंटी नहीं बची है।” सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित भगदेवरा गांव में हालात यह हैं कि कुंवारे लड़कों को शादी का नाम लेते ही डर लगने लगा है। कई युवाओं ने तो साफ कह दिया है कि वे फिलहाल विवाह के बंधन में बंधना ही नहीं चाहते। बेटों के इस बदले रुख से माता-पिता न केवल चिंतित हैं, बल्कि उन्हें इस बात का भी खौफ है कि कहीं एक गलत रिश्ता उनके पूरे परिवार की खुशियां न छीन ले।
इस डर की असली वजह एक दिल दहला देने वाली वारदात है, जिसने पूरे इलाके के भरोसे को तार-तार कर दिया है। 20 वर्षीय विपिन कुमार यादव की नृशंस हत्या के खुलासे के बाद गांव का हर घर सदमे में है। पुलिस जांच में पता चला कि विपिन की पत्नी आंचल यादव ने अपने प्रेमी सुनील कुशवाहा के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। शादी के महज एक साल के भीतर हुई इस हत्या के बाद विपिन का शव करीब तीन महीने तक जमीन में दफन रहा। इस खौफनाक सच के सामने आने के बाद गांव के युवाओं की सोच पूरी तरह बदल गई है।
ऐसे खुला विपिन हत्याकांड का राज
विपिन यादव 26 मार्च को अपनी ससुराल (रीवा के टीकर गांव) गया था, लेकिन उसके बाद वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। 28 मार्च को परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। करीब तीन महीने तक पुलिस अंधेरे में तीर चलाती रही, लेकिन मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स ने शक की सुई पत्नी आंचल और उसके प्रेमी सुनील की ओर घुमा दी।
- 9 जुलाई को पुलिस ने सुनील को हिरासत में लिया, जिसके बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
- आरोपी की निशानदेही पर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में कब्र खोदकर शव बरामद किया गया।
- मुख्य आरोपी सुनील और पत्नी आंचल को जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
नौकरी का झांसा देकर बिछाया मौत का जाल
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सुनील ने बड़ी चालाकी से विपिन को अपना शिकार बनाया। उसने खुद को आंचल का भाई बताया और शिक्षक होने का नाटक कर विपिन का विश्वास जीता। नौकरी दिलाने का झांसा देकर वह उसे ससुराल ले गया। सुनसान इलाके में ले जाकर उसे प्रताड़ित किया गया, कुएं में धक्का दिया गया और फिर पत्थर से कुचलकर मार डाला गया। आरोपी ने पहले से ही छह फीट गहरी कब्र खोद रखी थी, जहां शव को दफना दिया गया था।
“वह मेरे रास्ते का कचरा था”
पिता संतू यादव का कहना है कि जब उन्होंने बहू से हत्या का कारण पूछा, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा, “वह मेरे रास्ते का कचरा था, जिसे मैंने साफ कर दिया।” आंचल ने कबूल किया कि वह विपिन से शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन परिवार के दबाव में उसने समझौता किया था। हालांकि, शादी के बाद भी उसका अपने प्रेमी के साथ संबंध जारी रहा।
गांव में भरोसे का संकट
भगदेवरा के सरपंच ददई केवट और अन्य ग्रामीण मानते हैं कि इस घटना ने समाज की नींव हिला दी है। गांव की आबादी करीब 1200 है, जिसमें युवाओं की एक बड़ी संख्या है। अब हर अभिभावक और युवा शादी के रिश्तों को लेकर सतर्क हो गया है। दादा पूरण यादव का रो-रोकर बुरा हाल है, जो खुद इस रिश्ते को तय करने के लिए पछता रहे हैं। पीड़ित परिवार अब आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहा है और प्रशासन से अपनी सुरक्षा की गुहार लगा रहा है।










