Liquor shop तोड़फोड़ मामला: दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य हमलावर अभी भी फरार

मध्य प्रदेश के सागर जिले के गौरझामर थाना क्षेत्र में स्थित एक शराब दुकान पर हुई तोड़फोड़ और कर्मचारियों के साथ मारपीट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें स्थानीय…

सागर के गौरझामर में शराब दुकान पर हमला: दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता अब भी पुलिस की पकड़ से दूर

मध्य प्रदेश के सागर जिले के गौरझामर थाना क्षेत्र में स्थित एक शराब दुकान पर हुई तोड़फोड़ और कर्मचारियों के साथ मारपीट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, इस पूरी घटना का मुख्य आरोपी और उसके चार अन्य साथी अभी भी फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 13 जुलाई की देर रात को अंजाम दी गई थी। शराब दुकान पर अचानक नकाबपोश बदमाशों का एक समूह पहुंचा और दुकान के भीतर घुसकर कर्मचारियों के साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोपियों ने न केवल दुकान में तोड़फोड़ की, बल्कि बाहर खड़ी बाइकों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही गौरझामर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।

सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान

जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले शराब दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में नकाबपोश बदमाशों की क्रूरता साफ देखी जा सकती थी। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और घेराबंदी कर दो लोगों को दबोच लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित विवरण साझा किया है:

  • गिरफ्तार आरोपी: मनीष रैकवार और शुभम नामदेव (दोनों निवासी गढ़ाकोटा)।
  • कुल आरोपी: 6 लोग।
  • फरार आरोपी: मुख्य आरोपी रामजी समेत 4 अन्य।
  • धाराएं: मारपीट, तोड़फोड़ और बलवा।

पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि यह हमला किसी अचानक हुई घटना का परिणाम नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक पुरानी रंजिश काम कर रही थी। मुख्य आरोपी रामजी का शराब ठेकेदार मनीष लोधी के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए रामजी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

गौरझामर थाना प्रभारी नासिर फारुखी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मुख्य आरोपी रामजी और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। थाना प्रभारी का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही वारदात के पीछे की अन्य कड़ियां पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगी। पुलिस ने स्थानीय लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी देने की अपील की है ताकि फरार आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।