शहर की प्रतिमाओं के संरक्षण के लिए विधायक शैलेंद्र जैन का बड़ा कदम
सागर शहर में स्थापित महान विभूतियों और महापुरुषों की प्रतिमाओं के मान-सम्मान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए विधायक शैलेंद्र जैन ने एक सराहनीय पहल की शुरुआत की है। इस योजना के तहत, शहर में स्थित सभी महापुरुषों की प्रतिमाओं पर भव्य और सुरक्षित छतरियां (शेड) लगाई जाएंगी। विधायक का यह निर्णय न केवल प्रतिमाओं को प्रतिकूल मौसम से बचाने का एक प्रयास है, बल्कि यह देश के गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम भी है।
प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए निजी व्यय की भी तैयारी
विधायक शैलेंद्र जैन ने इस महत्वाकांक्षी कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का संकल्प लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इन छतरियों के निर्माण के लिए सबसे पहले विधायक निधि का उपयोग करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, यदि किसी तकनीकी बाधा या प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण निधि का आवंटन संभव नहीं हुआ, तो भी यह कार्य रुकेगा नहीं। विधायक ने घोषणा की है कि किसी भी स्थिति में वे अपने निजी व्यय से इन प्रतिमाओं का संरक्षण सुनिश्चित करेंगे, ताकि काम में कोई देरी न हो।
क्यों जरूरी है महापुरुषों की प्रतिमाओं का संरक्षण?
विधायक जैन का मानना है कि जिन महापुरुषों ने अपना संपूर्ण जीवन समाज और राष्ट्र के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया, उनका सम्मान करना हमारा नैतिक दायित्व है। इस पहल के पीछे के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- मौसम से सुरक्षा: छतरियां लगने से प्रतिमाएं तेज धूप, भारी बारिश और धूल-मिट्टी जैसी मौसमी मार से सुरक्षित रहेंगी।
- सौंदर्य में वृद्धि: इन छतरियों के निर्माण से शहर के सार्वजनिक स्थलों पर लगी प्रतिमाओं का स्वरूप और अधिक आकर्षक व गरिमामयी हो जाएगा।
- नई पीढ़ी को प्रेरणा: यह पहल आने वाली युवा पीढ़ी को महापुरुषों के जीवन दर्शन, त्याग और उनके महान आदर्शों के साथ सीधे जोड़ने का काम करेगी।
नगर प्रशासन के साथ मिलकर विधायक द्वारा उठाई गई यह पहल शहर के सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल ऐतिहासिक धरोहरों का रखरखाव बेहतर होगा, बल्कि शहरवासियों में भी अपने महापुरुषों के प्रति सम्मान की भावना और प्रगाढ़ होगी।










