Tunnel स्लीमनाबाद तैयार, सीएम करेंगे लोकार्पण, 15 साल बाद नर्मदा का पानी पहुंचेगा।

मध्य प्रदेश के कटनी जिले में बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत स्लीमनाबाद अंडरग्राउंड टनल का निर्माण कार्य आखिरकार पूरा हो गया है। बुधवार को हुए इस सफल 'ब्रेक-थ्रू' के साथ ही 15 साल के लंबे इंतजार का अंत हुआ है। यह 11.95 किलोमीटर लंबी सुरंग न केवल एक इंजीनियरिंग चमत्कार है, बल्कि नर्मदा के पानी…

कटनी में ऐतिहासिक ब्रेक-थ्रू: बरगी व्यपवर्तन परियोजना की 12 किमी लंबी सुरंग बनकर तैयार

मध्य प्रदेश के कटनी जिले में बरगी व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत स्लीमनाबाद अंडरग्राउंड टनल का निर्माण कार्य आखिरकार पूरा हो गया है। बुधवार को हुए इस सफल ‘ब्रेक-थ्रू’ के साथ ही 15 साल के लंबे इंतजार का अंत हुआ है। यह 11.95 किलोमीटर लंबी सुरंग न केवल एक इंजीनियरिंग चमत्कार है, बल्कि नर्मदा के पानी को सोन बेसिन तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर भी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे निरीक्षण

इस बड़ी उपलब्धि के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को स्लीमनाबाद का दौरा करेंगे। सीएम के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गुरुवार को कलेक्टर आशीष तिवारी और पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, हेलीपैड और रूट डायवर्जन का जायजा लिया। अधिकारियों ने सलैया फाटक अपस्ट्रीम पोर्टल और टीबीएम मशीन के शाफ्ट का निरीक्षण कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया।

परियोजना का सफर: लागत और चुनौतियां

यह महत्वाकांक्षी परियोजना साल 2008 में मंजूर हुई थी, जबकि सुरंग का निर्माण कार्य 2011 में शुरू किया गया था। इस दौरान कई तकनीकी चुनौतियों और प्राकृतिक बाधाओं के कारण परियोजना की लागत में भारी वृद्धि हुई।

विवरण जानकारी
प्रारंभिक लागत 799 करोड़ रुपए
वर्तमान अनुमानित लागत 1,442 करोड़ रुपए
कुल लंबाई 11.95 किलोमीटर
निर्माण तकनीक जर्मनी की अत्याधुनिक टीबीएम मशीन

निर्माण के दौरान पानी का तेज बहाव, सिंकहोल और कोरोना महामारी जैसी बाधाएं सामने आईं, लेकिन जर्मनी की अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने जमीन से 30 मीटर नीचे इन विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए सुरंग का रास्ता साफ कर दिया।

छह जिलों की बदलेगी तस्वीर

इस परियोजना के पूर्ण होने से महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के किसानों के लिए समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे। इससे कुल 1.85 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। लाभान्वित होने वाले प्रमुख जिले इस प्रकार हैं:

  • कटनी: 21,823 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
  • अन्य जिले: मैहर, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली।

सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है, जो क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगी।

अगला चरण: जल्द होगा शेष कार्य पूरा

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के एसडीओ दीपक मंडलोई ने बताया कि टनल की खुदाई का मुख्य काम पूरा हो चुका है। अब टीबीएम मशीन को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद सुरंग के भीतर लाइनिंग, कंक्रीट और अन्य तकनीकी फिनिशिंग का काम तेजी से किया जाएगा ताकि परियोजना को जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ चालू किया जा सके।


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