सीधी में पहली ही बारिश ने खोली नगर पालिका के दावों की पोल, सड़कों पर भरा पानी
सीधी शहर में शनिवार सुबह हुई मानसून की पहली बारिश ने नगर पालिका के दावों और तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। सुबह लगभग 9 बजे हुई तेज बारिश के बाद शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों का हाल बेहाल हो गया। सम्राट चौराहा और गांधी चौराहा जैसे व्यस्त इलाकों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
जलभराव की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पानी सड़कों को पार कर स्थानीय दुकानदारों के प्रतिष्ठानों के भीतर तक घुस गया। राहगीरों, वाहन चालकों और विशेष रूप से स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस अव्यवस्था से नाराज नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया है।
सीएमओ का अजीब बयान, सिस्टम पर उठ रहे सवाल
इस गंभीर समस्या को लेकर जब स्थानीय लोगों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) मसूद अजहर से शिकायत की, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था। सीएमओ ने कहा कि उनकी पदस्थापना इसी महीने हुई है, इसलिए उन्हें शहर की जल निकासी व्यवस्था और समस्याओं की पूरी जानकारी अभी नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्थिति को जल्द सुधारने का आश्वासन दिया है।
- प्राथमिकता: शिकायत वाले इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
- सफाई कार्य: अधूरी पड़ी नालियों की सफाई और मरम्मत के काम को जल्द पूरा किया जाएगा।
- आश्वासन: बारिश के मौसम को देखते हुए नगर पालिका अब विशेष मॉनिटरिंग करेगी।
स्थानीय निवासियों का दर्द: हर साल का है यही हाल
स्थानीय निवासी अखंड दिग्विजय सिंह ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीधी शहर में यह कोई नई समस्या नहीं है। हर वर्ष मानसून की पहली बारिश के साथ ही शहर जलमग्न हो जाता है। उन्होंने कहा, “अभी तो महज शुरुआत है और तेज बारिश भी नहीं हुई है, फिर भी स्थिति इतनी भयावह है। दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हुआ है और बच्चे डर के साये में स्कूल जाने को मजबूर हैं।”
सीधी में जलभराव की स्थिति पर एक नजर
| प्रभावित क्षेत्र | समस्या का स्वरूप |
|---|---|
| सम्राट चौराहा | सड़कों पर जलभराव और आवागमन बाधित |
| गांधी चौराहा | दुकानों में पानी घुसने से भारी नुकसान |
| प्रमुख मार्ग | स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए आवाजाही बनी जोखिम |
शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में जलभराव की इस स्थिति ने नगर पालिका की मानसून तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका प्रशासन इन दावों को धरातल पर कब तक उतारता है, ताकि आगामी दिनों में होने वाली तेज बारिश से शहरवासियों को राहत मिल सके।
