Fake Doctor: राजस्थान में असली डॉक्टर, शहडोल में चाचा कर रहा था नौकरी

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रीवा लोकायुक्त की भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई के बाद एक ऐसे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। जयसिंहनगर विकासखंड के उफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा…

शहडोल में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: दूसरे की डिग्री पर सालों तक डॉक्टर बनकर करता रहा नौकरी

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रीवा लोकायुक्त की भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई के बाद एक ऐसे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। जयसिंहनगर विकासखंड के उफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा पर पहचान चोरी कर सरकारी नौकरी हथियाने का गंभीर आरोप लगा है।

सोशल मीडिया से खुली फर्जीवाड़े की पोल

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान के डीग जिले में पदस्थ असली डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने सोशल मीडिया पर शहडोल में लोकायुक्त द्वारा पकड़े गए एक डॉक्टर की खबर देखी। खबर में डॉक्टर का नाम और फोटो देखकर वे दंग रह गए। इसके बाद उन्होंने तुरंत शहडोल पहुंचकर जयसिंहनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके शैक्षणिक दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कोई और व्यक्ति सालों से मध्य प्रदेश में सरकारी पद का लाभ उठा रहा था।

रिश्तेदार पर ही लगा पहचान चुराने का आरोप

शिकायत के अनुसार, आरोपी कोई और नहीं बल्कि शिकायतकर्ता का सगा रिश्तेदार (चाचा) सतीश शर्मा है। आरोप है कि सतीश ने अपने भतीजे के असली शैक्षणिक प्रमाण पत्रों और फोटो का दुरुपयोग कर मेडिकल ऑफिसर की नौकरी हासिल की। आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए अपना आधार कार्ड इस्तेमाल किया, जबकि शैक्षिक योग्यता के तौर पर असली डॉक्टर के दस्तावेजों का सहारा लिया।

आरोपी डॉक्टर की कार्यप्रणाली पर एक नजर

विवरण जानकारी
आरोपी का नाम सतीश शर्मा
पद मेडिकल ऑफिसर
कार्यक्षेत्र शहडोल, श्योपुर और खरगोन
वर्तमान स्थिति पुलिस जांच जारी

तीन जिलों में पदस्थापना पर उठे सवाल

जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी ने अलग-अलग समय पर मध्य प्रदेश के कई जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं। फरवरी 2023 से वह खरगोन जिले के सेगांव ब्लॉक में भी पदस्थ रह चुका है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने लंबे समय तक स्वास्थ्य विभाग को इस फर्जीवाड़े की भनक क्यों नहीं लगी? वहीं, असली डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी परिवार में खुद को कोटा में कोचिंग पढ़ाने वाला बताता था।

पुलिस की कार्रवाई

जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय बैगा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्थान से आए डॉ. महेश चंद्र शर्मा की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब सभी दस्तावेजों और आरोपी की नियुक्ति प्रक्रिया की गहन जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


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