Bhopal: नियमों का उल्लंघन करने वाले दो आर्किटेक्ट्स के लाइसेंस रद्द, जांच के आदेश

भोपाल नगर निगम प्रशासन ने शहर में अवैध निर्माणों पर लगाम कसने के लिए एक कड़ा कदम उठाया है। निगम ने नियमों के विपरीत जाकर भवन निर्माण की अनुमति जारी करने वाले दो प्रमुख आर्किटेक्ट्स के लाइसेंस रजिस्ट्रेशन को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के सख्त…

भोपाल नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: नियमों की अनदेखी करने वाले दो आर्किटेक्ट्स के लाइसेंस रद्द

भोपाल नगर निगम प्रशासन ने शहर में अवैध निर्माणों पर लगाम कसने के लिए एक कड़ा कदम उठाया है। निगम ने नियमों के विपरीत जाकर भवन निर्माण की अनुमति जारी करने वाले दो प्रमुख आर्किटेक्ट्स के लाइसेंस रजिस्ट्रेशन को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के सख्त निर्देशों के बाद की गई है, जिसके तहत भवन अनुज्ञा शाखा लगातार शहर में जारी की गई अनुमतियों की गहन समीक्षा कर रही है।

किन आर्किटेक्ट्स पर गिरी गाज?

निगम के मुख्य नगर निवेशक नीरज आनंद लिखान की जांच रिपोर्ट में वास्तुविद और संरचना इंजीनियर पीयूष जोशी एवं सतीश शर्मा की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि दोनों आर्किटेक्ट्स ने नगर एवं ग्राम निवेश विभाग (T&CP) द्वारा अनुमोदित अभिन्यास (Layout) के नियमों का उल्लंघन किया था।

आर्किटेक्ट का नामलाइसेंस नंबरकार्रवाई का कारण
पीयूष जोशी109अनुमोदित लेआउट के विपरीत भूखंड का विभाजन कर अनुमति जारी करना।
सतीश शर्मा93बिना अनुमोदित अभिन्यास के नियमों का उल्लंघन कर अनुमति देना।

नियमों का उल्लंघन बना लाइसेंस रद्द होने का कारण

जांच में यह पाया गया कि पीयूष जोशी ने भवन निर्माण के लिए जारी अनुमति में नगर एवं ग्राम निवेश विभाग द्वारा तय मानकों को नजरअंदाज किया। उन्होंने अभिन्यास के विपरीत जाकर भूखंड का विभाजन किया, जो कि एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इसी प्रकार, सतीश शर्मा ने भी अपने कार्य में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और बिना वैध अभिन्यास के ही भवन अनुज्ञा (Building Permission) जारी कर दी।

  • कमिश्नर के निर्देश: भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा जारी सभी अनुमतियों का विशेष परीक्षण किया जा रहा है।
  • सख्त संदेश: निगम प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी नियमों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी इंजीनियर या आर्किटेक्ट को बख्शा नहीं जाएगा।
  • पंजीकरण निरस्त: दोनों आर्किटेक्ट्स का बीएमसी लाइसेंस रद्द कर दिया गया है, जिससे अब वे निगम के अंतर्गत कोई भी नई अनुमति प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।

नगर निगम की इस कार्रवाई से शहर के निर्माण कार्यों से जुड़े पेशेवरों में हड़कंप मच गया है। निगम प्रशासन अब उन अन्य फाइलों की भी जांच कर रहा है, जिनमें इसी तरह की अनियमितताएं होने की आशंका जताई जा रही है।