सिवनी: लचर विद्युत व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
सिवनी जिले के बरघाट विधानसभा क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और बदहाल विद्युत व्यवस्था के विरोध में बुधवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बरघाट तहसील कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम तहसीलदार और नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बार-बार बिजली गुल होने से आम जनजीवन, कृषि और व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसके समाधान के लिए तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
बिजली संकट से प्रभावित क्षेत्र और कारण
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, बरघाट, उप तहसील गंगेरूवा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली सप्लाई की स्थिति बेहद दयनीय है। इस अव्यवस्था के कारण न केवल छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है, बल्कि किसानों की सिंचाई और छोटे व्यापारियों का कामकाज भी ठप पड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया:
- जर्जर बुनियादी ढांचा: कई गांवों में बिजली के तार खंभों से नीचे लटक रहे हैं, जिससे बारिश के मौसम में जानलेवा हादसों और करंट फैलने का खतरा बना हुआ है।
- अतिरिक्त वसूली: बिजली बिल जमा न होने पर कनेक्शन काटने और उसे दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया में ली जाने वाली ₹340 की अतिरिक्त शुल्क को पार्टी ने जनविरोधी करार दिया है।
- मरम्मत की मांग: कांग्रेस ने विद्युत विभाग से तत्काल प्रभाव से जर्जर तारों और खंभों का सर्वे कराकर उन्हें दुरुस्त करने की मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मनोज रहांगडाले ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अघोषित बिजली कटौती पर रोक नहीं लगाई और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की, तो पार्टी चरणबद्ध तरीके से बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर, जिला कांग्रेस महासचिव अनिल मर्सकोले, राहुल उइके, सिल्वेंद्र मयान, अनिल राउत, साजिद सज्जू खान और शिव मर्सकोले सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।










