मंदसौर में 12 दिन बाद मानसून की वापसी, गर्मी से मिली राहत
मंदसौर जिले में लंबे इंतजार के बाद सोमवार को मानसून ने एक बार फिर दस्तक दी है। पिछले 12 दिनों से जारी सूखे के दौर के बाद जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में रुक-रुककर बारिश हुई। हालांकि, यह बारिश बहुत तेज नहीं थी, लेकिन इसने भीषण उमस और गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी है। जिले में अंतिम बार 8 जुलाई को अच्छी बारिश हुई थी, जिसके बाद से मानसून ने मानो किनारा कर लिया था।
सोमवार को सुबह से ही तेज धूप और उमस ने लोगों को काफी परेशान किया। दोपहर में हुई हल्की फुहारों के बाद शाम को बादलों ने डेरा डाला और करीब 15 से 20 मिनट तक तेज बारिश दर्ज की गई। जिला मुख्यालय के साथ-साथ पिपलिया मंडी, नारायणगढ़, सोनगरी, मल्हारगढ़, सुठोद और बरखेड़ा सहित कई इलाकों में वर्षा की बूंदें गिरीं। हालांकि, जिले का बड़ा हिस्सा अभी भी अच्छी बारिश की बाट जोह रहा है, क्योंकि खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है।
खरीफ फसलों पर संकट और घटता जलस्तर
लगातार शुष्क मौसम के चलते सोयाबीन और मक्का जैसी खरीफ फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की चिंता बढ़ गई है। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में अब तक औसत 10.10 इंच बारिश ही दर्ज की गई है, जो पिछले साल की इसी अवधि के 12.69 इंच के मुकाबले लगभग ढाई इंच कम है। कम बारिश का सीधा असर जल स्रोतों पर भी पड़ा है, जिससे नगर पालिका को पेयजल वितरण में बदलाव करना पड़ा है।
- पेयजल संकट: शहर में अब एक दिन छोड़कर के बजाय दो दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाएगी।
- नया शेड्यूल: 19 जुलाई को पानी लेने वाले क्षेत्रों को अब 22 जुलाई को, और 20 जुलाई को सप्लाई वाले क्षेत्रों को 23 जुलाई को पानी मिलेगा।
- विशेष छूट: खानपुरा और पुराने किला जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में पुरानी व्यवस्था (एक दिन छोड़कर) ही जारी रहेगी।
नगर पालिका ने नागरिकों से पानी की बर्बादी रोकने और मोटर पंप का उपयोग न करने की अपील की है ताकि दबाव बना रहे और सभी को पर्याप्त जल मिल सके।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान और प्रार्थना यात्रा
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए राहत भरी खबर दी है। विभाग के अनुसार, 21 जुलाई को हल्की से मध्यम, 22 जुलाई को गरज-चमक के साथ बारिश और 23 जुलाई को जिले के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं। यदि ऐसा होता है, तो किसानों की फसलों और शहर के जल स्तर के लिए यह जीवनदान साबित होगा।
इस बीच, अच्छी बारिश के लिए सर्व समाज ने एकजुट होने का निर्णय लिया है। 23 जुलाई को सुबह 9 बजे तलाई वाले बालाजी मंदिर से पशुपतिनाथ मंदिर तक ‘इन्द्रदेव प्रार्थना-कीर्तन यात्रा’ निकाली जाएगी। आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा जनकल्याण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगी। यदि उस दिन बारिश भी होती है, तब भी यह यात्रा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही संपन्न की जाएगी।
