पन्ना में हत्या के तीन दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में देवेन्द्रनगर थाना पुलिस और अभियोजन पक्ष की मुस्तैद पैरवी के चलते अदालत ने हत्या के एक जघन्य मामले में न्याय करते हुए तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र मेश्राम की अदालत ने इस मामले में कठोर रुख अपनाते हुए दोषियों को जुर्माने के साथ कारावास का दंड दिया है। शासन की ओर से इस केस की पैरवी अधिवक्ता सुनील कुमार द्विवेदी ने की, जिन्होंने ठोस सबूतों के साथ पक्ष रखा।
क्या था पूरा मामला?
घटना 3 मई 2024 की रात की है। ग्राम कोढनपुरवा निवासी अयोध्या प्रसाद अपने खेत में प्याज की फसल की रखवाली कर रहे थे। उसी दौरान पास के खेत में शिवनारायण कुशवाहा और छोटेलाल कुशवाहा भी मौजूद थे। रात करीब 1:30 बजे तीन हमलावरों ने अचानक तीनों किसानों पर लाठी, डंडे और कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में शिवनारायण कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए देवेन्द्रनगर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया।
अदालत का फैसला और सजा का विवरण
देवेन्द्रनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया और साक्ष्यों को जुटाकर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों— करन सिंह, बृजेन्द्र सिंह और धर्मेन्द्र सिंह को दोषी करार दिया। सजा का विवरण नीचे दी गई तालिका में है:
| धारा (IPC) | जुर्म | सजा | जुर्माना |
|---|---|---|---|
| धारा 302 | हत्या | आजीवन कारावास | 10,000 रुपये प्रति दोषी |
| धारा 307 | जानलेवा हमला | 7 साल की जेल | 5,000 रुपये प्रति दोषी |
पुलिस और अभियोजन की जीत
इस मामले में पुलिस द्वारा की गई वैज्ञानिक विवेचना और कोर्ट में की गई मजबूत पैरवी ने अपराधियों को कानून के दायरे में खड़ा किया। अदालत का यह निर्णय क्षेत्र में एक बड़ा संदेश है कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवारों को इस फैसले से न्याय की उम्मीद पूरी होती दिखाई दी है।
- घटना का समय: 3 मई 2024, देर रात 1:30 बजे।
- मुख्य आरोपी: करन सिंह, बृजेन्द्र सिंह और धर्मेन्द्र सिंह।
- न्यायालय: प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पन्ना।
