खरगोन: अधीक्षिका के निलंबन के विरोध में सड़कों पर उतरीं 250 छात्राएं, पैदल चलकर पहुंचीं कलेक्ट्रेट
खरगोन जिले के मेनगांव स्थित कन्या शिक्षा परिसर छात्रावास की लगभग 250 छात्राओं ने सोमवार को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। छात्राएं अपनी अधीक्षिका अंकिता खोड़े के निलंबन का विरोध कर रही थीं। अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए ये छात्राएं सुबह करीब 9:30 बजे अपनी स्कूल यूनिफॉर्म में ही 10 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल तय कर सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गईं। छात्राओं की इस भारी संख्या को देखकर प्रशासन में हड़कंप मच गया।
एसडीएम ने की मनाने की कोशिश, कार्रवाई के आश्वासन पर शांत हुआ प्रदर्शन
सूचना मिलते ही एसडीएम सत्येंद्र बैरवा मौके पर पहुंचे और छात्राओं को बीच रास्ते में ही रोकने का प्रयास किया। हालांकि, छात्राएं अपनी मांग पर अड़ी रहीं और प्रभारी कलेक्टर रेखा राठौड़ से मुलाकात की जिद करती रहीं। कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 10:30 बजे एसडीएम ने फिर से छात्राओं से संवाद किया और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद छात्राएं शांत हुईं। प्रशासन ने छात्राओं का मांग पत्र स्वीकार कर उन्हें बसों के माध्यम से वापस छात्रावास रवाना कर दिया।
आर्थिक अनियमितताओं का लगा है आरोप
प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि अधीक्षिका अंकिता खोड़े पर की गई निलंबन की कार्रवाई गलत है और इसकी दोबारा जांच होनी चाहिए। इस मामले पर एसडीएम सत्येंद्र बैरवा ने स्पष्ट किया कि यह एक प्रशासनिक प्रक्रिया है। जानकारी के अनुसार, छात्रावास में सुविधाओं के नाम पर करीब 1.98 लाख रुपये की आर्थिक अनियमितता सामने आने के बाद यह निलंबन की कार्रवाई की गई है।
छात्रावासों में बदहाली का सिलसिला जारी
- भोजन की गुणवत्ता: हाल ही में टांडा बरुड़ छात्रावास के छात्रों ने भी खराब भोजन को लेकर प्रदर्शन किया था।
- प्रमुख शिकायतें: छात्रों ने कच्ची रोटी और पतली दाल दिए जाने की गंभीर शिकायत की थी।
- प्रशासनिक एक्शन: उस मामले में सहायक आयुक्त कविता आर्य ने तत्काल प्रभाव से अधीक्षक और चपरासी को हटा दिया था।
लगातार सामने आ रही छात्रावासों की बदहाली और अनियमितताओं की शिकायतों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस मामले की गहराई से जांच करने की बात कह रहा है।









