जामोनिया गणेश में गुरु पूर्णिमा पर विशेष आयोजन, सरपंच ने शिक्षकों का किया सम्मान
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जामोनिया गणेश ग्राम पंचायत में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्राम सरपंच सुनील कुमार मीणा ने परंपरा का निर्वहन करते हुए गांव के वरिष्ठ गुरुजनों और शिक्षकों को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में शिक्षा और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित करना था।
मंदिर में दर्शन के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत सरपंच सुनील कुमार मीणा ने गांव के प्रमुख मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ की। उन्होंने ईश्वर को जीवन का प्रथम गुरु मानते हुए पूजा-अर्चना की और प्रदेश व गांव की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने गांव के उन शिक्षकों के घर जाकर या उन्हें एक मंच पर आमंत्रित कर उनका सम्मान किया, जिन्होंने वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दिया है।
सम्मानित होने वाले प्रमुख गुरुजन
इस विशेष सम्मान समारोह में गांव के उन शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पीढ़ियों को संस्कारित और शिक्षित करने का कार्य किया है। सम्मानित होने वाले प्रमुख शिक्षकों में शामिल हैं:
- सिद्धनाथ शर्मा
- जगदीश शर्मा
- लक्ष्मीनारायण शर्मा
- हरिओम दास वैष्णव
- कैलाश नागर
- राधेश्याम दास
- नेमीचंद शर्मा
गुरु का मार्गदर्शन ही सफलता की कुंजी
इस अवसर पर सरपंच सुनील कुमार मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु पूर्णिमा का दिन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपने जीवन को दिशा देने वाले गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जीवन की विषम परिस्थितियों में जब कोई रास्ता नहीं सूझता, तब गुरु द्वारा दिखाए गए मार्ग ही सफलता का आधार बनते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने भी गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर चर्चा की और समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को सराहा।









