नीमच: डोडाचूरा तस्करी मामले में पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष के पति सुरेश जाट गिरफ्तार, पुलिस ने कसा शिकंजा
मध्य प्रदेश के नीमच जिले की मनासा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने वर्ष 2023 के बहुचर्चित अवैध डोडाचूरा तस्करी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 5,000 रुपये के इनामी आरोपी सुरेश जाट (51) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, क्योंकि वह सरवानिया महाराज का एक रसूखदार राजनीतिक चेहरा रहा है।
राजनीतिक रसूख और गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
पकड़ा गया आरोपी सुरेश जाट सरवानिया महाराज की पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष पुखराज जाट के पति हैं। उनकी पत्नी ने वर्ष 2014 से 2019 तक नगर परिषद अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। राजनीतिक रसूख होने के कारण आरोपी लंबे समय से कानून की नजरों से बचता आ रहा था।
पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ था आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। गिरफ्तारी के घटनाक्रम पर एक नजर डालें तो:
- तीन दिन पहले भी कंजार्डा चौकी पुलिस ने आरोपी को उसके ठिकाने पर घेरा था।
- मौके पर मौजूद होने के बावजूद सुरेश जाट पुलिस टीम को चकमा देकर भागने में सफल रहा था।
- इस घटना के बाद मनासा पुलिस ने अपनी कार्ययोजना बदली और अलग-अलग टीमों का गठन कर उसकी घेराबंदी तेज कर दी।
मामले का विवरण: 2023 में दर्ज हुआ था केस
यह पूरा मामला 11 अक्टूबर 2023 का है, जब मनासा थाना पुलिस ने एक पिकअप वाहन से भारी मात्रा में अवैध डोडाचूरा जब्त किया था। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पकड़े गए अन्य तस्करों ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि यह अवैध खेप सुरेश जाट द्वारा ही सप्लाई की गई थी। नाम सामने आने के बाद से ही वह फरार चल रहा था, जिसके चलते पुलिस अधीक्षक ने उस पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
आरोपी की गिरफ्तारी पर एक नजर
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आरोपी का नाम | सुरेश जाट (उम्र 51 वर्ष) |
| इनामी राशि | 5,000 रुपये |
| मामला | अवैध डोडाचूरा तस्करी (वर्ष 2023) |
| गिरफ्तारी टीम | मनासा थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी एवं टीम |
आगे की कार्रवाई
मनासा थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अंततः आरोपी को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य बड़े चेहरों का खुलासा हो सकता है।
