भिंड: दंदरौआ धाम में मुख्यमंत्री की सुरक्षा में बड़ी सेंध, हेलीपैड के ऊपर उड़ता दिखा ड्रोन
मध्य प्रदेश के भिंड जिले स्थित प्रसिद्ध दंदरौआ धाम में रविवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा में एक गंभीर चूक का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने के ठीक पहले हेलीपैड के ऊपर ड्रोन उड़ते देख हड़कंप मच गया। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पायलट ने तुरंत उड़ान भरने से इनकार कर दिया, जिससे वीआईपी मूवमेंट के दौरान अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
क्या है पूरा मामला?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दंदरौआ धाम में दर्शन और महंत रामदास महाराज से मुलाकात के बाद ग्वालियर लौटने के लिए हेलीकॉप्टर में सवार हुए थे। उनके साथ पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री राकेश शुक्ला और भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया भी मौजूद थे। जैसे ही हेलीकॉप्टर टेकऑफ की प्रक्रिया में था, पायलट को हेलीपैड के ऊपर एक ड्रोन उड़ता दिखाई दिया। सुरक्षा कारणों से पायलट ने हेलीकॉप्टर को करीब 10 मिनट तक जमीन पर ही रोके रखा।
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आरोपी युवक और ड्रोन बरामदगी का विवरण
घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच के दौरान मंदिर की छत पर राघवेंद्र खेमरिया नामक युवक को ड्रोन उड़ाते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने तत्काल ड्रोन को नीचे उतरवाया और युवक को हिरासत में ले लिया। इस मामले में पुलिस ने निम्नलिखित कार्रवाई की है:
- ड्रोन और मोबाइल जब्त: पुलिस ने आरोपी का ड्रोन, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण अपने कब्जे में ले लिए हैं।
- मामला दर्ज: जांच के लिए पूरे प्रकरण को मिहोना थाना पुलिस को सौंप दिया गया है।
- पूछताछ: प्राथमिक पूछताछ के बाद आरोपी को फिलहाल छोड़ दिया गया है, लेकिन डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है।
जांच के मुख्य बिंदु
| विषय | विवरण |
|---|---|
| आरोपी का नाम | राघवेंद्र खेमरिया |
| संबंधित संस्था | दंदरौआ धाम (आधिकारिक यूट्यूब चैनल) |
| पुलिस कार्रवाई | डिवाइस जब्त, विवेचना जारी |
| सुरक्षा चूक | बिना अनुमति नो-फ्लाई जोन में ड्रोन उड़ाना |
मंदिर प्रबंधन का पक्ष और पुलिस की प्रतिक्रिया
मंदिर प्रबंधन का दावा है कि राघवेंद्र खेमरिया मंदिर का अधिकृत कर्मचारी है और वह लंबे समय से मंदिर की गतिविधियों के वीडियो बनाता आ रहा है। मंदिर समिति के कुछ लोगों की सिफारिश पर उसे सुरक्षा घेरे के भीतर प्रवेश मिला था। वहीं, सीएसपी निरंजन राजपूत ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के टेकऑफ के दौरान ड्रोन उड़ाना सुरक्षा प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या ड्रोन उड़ाने के लिए जिला प्रशासन या सुरक्षा विभाग से कोई अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि अनुमति नहीं थी, तो सुरक्षा नियमों के तहत आरोपी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










