Bridge: कंठाल नदी पर पुल की मांग, 15 गांवों के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी

आगर मालवा जिले के सुसनेर क्षेत्र में स्थित मैना मार्ग पर मौजूद कंठाल नदी पर पुल के निर्माण की मांग जोर पकड़ती जा रही है। शुक्रवार को स्थानीय ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए जोरदार प्रदर्शन किया। शिव युवा सेना के जिलाध्यक्ष मनोहरसिंह बगड़ावत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय…

आगर मालवा: कंठाल नदी पर पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन

आगर मालवा जिले के सुसनेर क्षेत्र में स्थित मैना मार्ग पर मौजूद कंठाल नदी पर पुल के निर्माण की मांग जोर पकड़ती जा रही है। शुक्रवार को स्थानीय ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए जोरदार प्रदर्शन किया। शिव युवा सेना के जिलाध्यक्ष मनोहरसिंह बगड़ावत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही यह समस्या अब नासूर बन चुकी है, जिस पर प्रशासन को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

बारिश में कट जाता है 15 गांवों का संपर्क

ग्रामीणों ने बताया कि मैना मार्ग पर बना रपटा करीब 15 गांवों के लिए आवाजाही का एकमात्र मुख्य जरिया है। यह मार्ग न केवल स्थानीय गांवों को जोड़ता है, बल्कि राजस्थान राज्य से भी संपर्क का एक महत्वपूर्ण साधन है। जैसे ही मानसून सक्रिय होता है और नदी का जलस्तर बढ़ता है, रपटे के ऊपर से पानी बहने लगता है। इसके परिणामस्वरूप आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है और लोगों को लंबी दूरी तय करके वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ता है।

आमजन की मुश्किलें और दुर्घटनाओं का खतरा

बरसात के मौसम में इस मार्ग के बंद होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। ग्रामीणों के अनुसार, सबसे अधिक समस्या निम्नलिखित वर्गों को उठानी पड़ती है:

  • मरीज: आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या निजी वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
  • स्कूली छात्र: नदी उफान पर होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है।
  • किसान: अपनी उपज मंडियों तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
  • आम राहगीर: मजबूरी में लोग जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार करते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

प्रशासन को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए अब यहां एक स्थायी पुल का निर्माण अनिवार्य हो गया है। ग्रामीणों की मुख्य मांगें और स्थिति का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

मुद्दा विवरण
प्रभावित क्षेत्र मैना मार्ग, सुसनेर
प्रभावित गांव लगभग 15 गांव
मुख्य समस्या कंठाल नदी के रपटे पर जलभराव
मांग ऊंचे और चौड़े पुल का शीघ्र निर्माण

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कंठाल नदी पर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे। उनका मानना है कि एक मजबूत पुल बनने से मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच आवागमन सुगम होगा और 15 गांवों के हजारों लोगों को साल भर की इस बड़ी मुसीबत से स्थाई राहत मिल सकेगी।


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