Deadline नजदीक, धार में 27 किमी सड़क का काम एक साल से बंद

मध्य प्रदेश के धार जिले में नागदा से बरमंडल तक बनने वाली 27 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क का सपना फिलहाल आम जनता के लिए दुस्वप्न साबित हो रहा है। परियोजना की समय-सीमा समाप्त होने में महज 15 दिन का समय शेष है, लेकिन निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। कछुआ चाल से चल रहे…

धार में अधर में लटका 27 किमी सड़क का निर्माण, राहगीरों की मुसीबतें बरकरार

मध्य प्रदेश के धार जिले में नागदा से बरमंडल तक बनने वाली 27 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क का सपना फिलहाल आम जनता के लिए दुस्वप्न साबित हो रहा है। परियोजना की समय-सीमा समाप्त होने में महज 15 दिन का समय शेष है, लेकिन निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। कछुआ चाल से चल रहे इस काम के कारण अब तक 10 किलोमीटर हिस्से पर भी डामरीकरण का काम पूरा नहीं हो सका है। पिछले एक साल से परियोजना के ठप रहने से बारिश के मौसम में वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

सड़क की बदहाली और दुर्घटनाओं का बढ़ता खतरा

बरमंडल से चिराखान तक के 7 किलोमीटर लंबे मार्ग की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। छह महीने पहले उखाड़े गए डामर के बाद केबल बिछाने के नाम पर फिर से की गई खुदाई ने पूरी सड़क को जर्जर बना दिया है। लगातार हो रही बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं, जिससे सड़क कई स्थानों पर एक से दो फीट तक धंस गई है। इसके अलावा, मार्ग पर पड़ने वाले कई पुल-पुलियाओं का निर्माण कार्य भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

परियोजना का क्षेत्रवार विवरण

मार्ग का हिस्सा वर्तमान स्थिति
चिराखान से कड़ोदकला (10 किमी) केवल मिट्टी का कार्य और अधूरे पुल, निर्माण कार्य पूरी तरह बंद।
कड़ोदकला से नागदा (10 किमी) कुछ गांवों में सीमेंट सड़क, केवल 6 किमी हिस्से में डामरीकरण।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी और विभाग का पक्ष

निर्माण कार्य के दौरान विभाग ने पांच स्थानों पर लोक कल्याण सरोवर (तालाब) बनाए हैं, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से ये अब लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। सुरक्षा जालियां टूट चुकी हैं, जो किसी भी बड़ी अनहोनी को न्योता दे रही हैं। इस संबंध में बदनावर लोक निर्माण विभाग के प्रभारी एसडीओ राहुल गाड़रिया ने बताया कि बारिश की वजह से डामरीकरण का काम फिलहाल रोकना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
  • बारिश रुकते ही निर्माण कार्य को फिर से गति दी जाएगी।
  • नागदा से कड़ोदकला के बीच सभी पुल-पुलियाओं का काम पूर्ण हो चुका है।

विभाग के दावों के बावजूद, स्थानीय लोग सड़क की धीमी गति और अधूरे निर्माण को लेकर खासे नाराज हैं और जल्द काम पूरा करने की मांग कर रहे हैं।


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