Cyber ठगी: ग्वालियर में बिना OTP और लिंक क्लिक किए खाते से उड़े 2.32 लाख


ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी कंपनी के कर्मचारी के बैंक खाते से 2.32 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि गायब हो गई। ठगों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए न तो पीड़ित का ओटीपी (OTP) मांगा और न…

ग्वालियर: बिना ओटीपी के बैंक खाते से उड़े 2.32 लाख, साइबर ठगों का नया पैंतरा आया सामने

ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी कंपनी के कर्मचारी के बैंक खाते से 2.32 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि गायब हो गई। ठगों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए न तो पीड़ित का ओटीपी (OTP) मांगा और न ही किसी फिशिंग लिंक का सहारा लिया। जांच में खुलासा हुआ है कि जालसाजों ने पीड़ित के मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करते हुए अमेजन (Amazon) पर एक फर्जी आईडी बनाई और उसे बैंक खाते से लिंक कर बड़ी चालाकी से पैसे निकाल लिए। पुलिस अब इस हाई-टेक फ्रॉड की गहन तकनीकी जांच में जुटी है।

क्या है पूरा मामला?

पवनसुत कॉलोनी निवासी सुशील दिवाकर, जो कि जयपुर की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, को 18 जुलाई की रात उस समय बड़ा झटका लगा जब उनके मोबाइल पर लगातार खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। रात 9:12 बजे से शुरू हुए इन संदेशों के जरिए मात्र कुछ ही मिनटों में पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन हुए। पीड़ित के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से कुल 2,32,051 रुपए की राशि साफ हो गई। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित को न तो कोई बैंक अलर्ट मिला और न ही किसी भी तरह का ओटीपी प्राप्त हुआ, जिससे वे पूरी तरह अनजान रहे कि उनके साथ क्या हो रहा है।

बैंक जांच में खुली ठगी की साजिश

लगातार मैसेज आने के बाद पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल किया और बैंक जाकर जानकारी ली। बैंक के रिकॉर्ड से पता चला कि किसी अज्ञात अपराधी ने उनके मोबाइल नंबर को अमेजन के साथ जोड़कर एक फर्जी अकाउंट तैयार किया था। इसी फर्जी अकाउंट के जरिए बैंक खाते को लिंक कर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को अंजाम दिया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अमेजन की गतिविधियों व डिजिटल ट्रांजेक्शन ट्रेल को खंगाल रही है।

साइबर सुरक्षा के लिए विशेषज्ञों की सलाह

सिरोल थाना प्रभारी गोकुल बगोली ने बताया कि पुलिस मामले की तकनीकी बारीकियों पर काम कर रही है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए आम जनता को सतर्क रहना आवश्यक है:

  • अमेजन या ई-कॉमर्स खातों की सुरक्षा: अपने मोबाइल नंबर से जुड़े सभी ई-कॉमर्स और वॉलेट एप्स की समय-समय पर जांच करें और अनावश्यक खातों को हटा दें।
  • नियमित मॉनिटरिंग: अपने बैंक एप में ‘लिंक्ड डिवाइसेज’ और ‘पेमेंट मेथड्स’ सेक्शन को हमेशा चेक करते रहें।
  • तुरंत रिपोर्ट करें: किसी भी संदिग्ध लेनदेन का मैसेज आते ही सबसे पहले अपने बैंक खाते को फ्रीज कराएं और 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।
  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: सभी महत्वपूर्ण एप्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को अनिवार्य रूप से ऑन रखें।

पुलिस का स्पष्ट कहना है कि यदि आपके साथ साइबर धोखाधड़ी होती है, तो घबराने के बजाय तत्काल www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी ही जल्दी ठगी गई राशि को बैंक स्तर पर ‘होल्ड’ कराने की संभावना बनी रहती है।