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रीवा में चेन स्नेचिंग का आतंक: पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
मध्य प्रदेश के रीवा शहर में पिछले 24 घंटों के भीतर हुई चेन स्नेचिंग की ताबड़तोड़ वारदातों ने आम जनता में दहशत पैदा कर दी है। समान, विश्वविद्यालय और सिविल लाइन थाना क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं में एक बुजुर्ग, एक सेवानिवृत्त एएसआई और एक महिला को निशाना बनाया गया है। इस बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में भी उबाल है और कांग्रेस ने सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन की विफलता पर सवाल खड़े किए हैं।
नशे के कारोबार से बढ़ रहे अपराध: गुरमीत सिंह मंगू
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव गुरमीत सिंह मंगू ने बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए शहर में फल-फूल रहे मेडिकल नशे के कारोबार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि शहर की चाय की टपरियों पर आज भी आसानी से नशीली कफ सिरप उपलब्ध है, जिसे पुलिस चाहकर भी नहीं रोक पा रही है। उन्होंने दावा किया कि शहर के कई ओवरब्रिज, विशेषकर नया बस स्टैंड इलाका, अब नशा करने वालों का सुरक्षित ठिकाना बन चुका है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर ‘रीलबाजी’ का आरोप
कांग्रेस नेता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए कहा कि वर्दीधारी अधिकारी अब धरातल पर काम करने के बजाय सोशल मीडिया पर ‘रील बनाने और फोटो खिंचवाने’ तक सीमित रह गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस केवल छोटे-मोटे आरोपियों को पकड़कर खानापूर्ति करती है, जबकि नशे के इस बड़े नेटवर्क को चलाने वाले मुख्य सरगना अब भी कानून की पकड़ से दूर हैं।
पुलिस का पक्ष: विशेष टीमों का गठन
चेन स्नेचिंग की इन घटनाओं के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। वर्तमान में पुलिस की रणनीति के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- सीसीटीवी सर्विलांस: घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
- विशेष टीमों का गठन: संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।
- गश्त में बढ़ोतरी: शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी और गश्त को तत्काल प्रभाव से बढ़ा दिया गया है।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे शहरवासियों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा, लेकिन देखना यह होगा कि क्या यह आश्वासन केवल कागजी साबित होता है या वाकई अपराधियों पर नकेल कसी जाएगी।









