अनूपपुर में स्कूली वाहनों पर यातायात पुलिस का शिकंजा, 47 वाहनों पर भारी जुर्माना
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात पुलिस ने एक सघन चेकिंग अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल वाहनों में व्याप्त अनियमिताओं को दूर करना और हादसों को रोकना है। बीते दो दिनों की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 47 स्कूली वाहनों के चालान काटे हैं और कुल 1,32,600 रुपये का जुर्माना वसूला है।
दो दिनों में 1.32 लाख से अधिक का जुर्माना
जिला यातायात प्रभारी विनोद दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष अभियान पिछले दो दिनों से लगातार जारी है। पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार, 20 जुलाई को 17 वाहनों पर 66,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, मंगलवार, 21 जुलाई की दोपहर तक 30 और वाहनों का चालान कर 66,600 रुपये का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया। इस प्रकार अब तक कुल 47 मामलों में कार्रवाई पूरी की जा चुकी है।
अभियान में सामने आई गंभीर खामियां
जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जो बच्चों की सुरक्षा के प्रति स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाते हैं। पुलिस ने अभियान के दौरान निम्नलिखित अनियमितताएं पकड़ी हैं:
- 12 नाबालिग चालक: नियमों को ताक पर रखकर 12 नाबालिगों को वाहन चलाते हुए पकड़ा गया, जिनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की गई है।
- शराबी चालक: पांच व्यावसायिक वाहन चालक नशे की हालत में पाए गए, जिसके बाद उनके वाहनों को जब्त कर मामला न्यायालय में भेज दिया गया है।
- परमिट और दस्तावेज: जांच में 13 वाहनों में परमिट शर्तों का उल्लंघन मिला, जबकि दो वाहन बिना फिटनेस, एक बिना बीमा और एक चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के संचालित हो रहा था।
सुरक्षा से समझौता नहीं: यातायात पुलिस की चेतावनी
यातायात प्रभारी विनोद दुबे ने जिले के सभी स्कूल वाहन संचालकों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बच्चों की जान जोखिम में डालकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। भविष्य में भी यह सघन जांच अभियान जारी रहेगा। यदि कोई वाहन बिना फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों और वैध दस्तावेजों के सड़क पर दौड़ता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









