Jan Vishwas Abhiyan: 7 अगस्त से गांव-वार्ड में सुलझेंगी आम समस्याएं


मध्यप्रदेश सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं के लाभ को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान आगामी 7 अगस्त से पूरे प्रदेश में प्रभावी होगा। राज्य के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने सभी जिला कलेक्टरों और संभागायुक्तों…

मध्यप्रदेश में 7 अगस्त से शुरू होगा ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’, प्रशासन की पहुंच होगी गांव-वार्ड तक

मध्यप्रदेश सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं के लाभ को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान आगामी 7 अगस्त से पूरे प्रदेश में प्रभावी होगा। राज्य के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने सभी जिला कलेक्टरों और संभागायुक्तों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को सीधे गांव और वार्ड स्तर तक ले जाना है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। यह अभियान पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार के ‘आपकी सरकार, आपके द्वार’ मॉडल की तर्ज पर तैयार किया गया है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश: परिणाम आधारित होगा अभियान

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली औपचारिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि परिणाम आधारित होना चाहिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

  • पूर्व-तैयारी: शिविर शुरू होने से एक सप्ताह पहले ही संबंधित क्षेत्र की लंबित शिकायतों और आवेदनों का अधिकतम निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
  • फील्ड विजिट: प्रत्येक शुक्रवार को संभाग और जिला स्तर के अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण करेंगे।
  • निरीक्षण: अधिकारी अपने भ्रमण के दौरान स्कूलों, अस्पतालों, आंगनवाड़ी केंद्रों, राशन दुकानों और खाद-बीज गोदामों की कार्यप्रणाली की जांच करेंगे।
  • जवाबदेही: अभियान की मॉनिटरिंग के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है, जहां जिलों का मूल्यांकन उनके प्रदर्शन के आधार पर होगा।

इन समस्याओं का होगा प्राथमिकता से समाधान

अभियान के दौरान शिविरों में आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा और मौके पर ही नए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। सरकार ने उन प्रकरणों को प्राथमिकता सूची में रखा है जो लंबे समय से लंबित हैं:

  • अविवादित नामांतरण, बंटवारा और खसरे में सुधार।
  • आधार से जुड़े प्रकरण और फार्मर आईडी संबंधी समस्याएं।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन।
  • सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी योजना के लंबित मामले।
  • एमएसएमई और स्थानीय उद्यमियों की औद्योगिक समस्याएं।

प्रशासनिक मॉडल और भविष्य की रूपरेखा

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का ढांचा 2019 में शुरू किए गए ‘आपकी सरकार, आपके द्वार’ कार्यक्रम के काफी करीब है। उस समय भी राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि और बिजली विभाग की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गई थीं। वर्तमान सरकार ने भी इसी मॉडल को अपनाते हुए विकासखंड और क्लस्टर स्तर पर भ्रमण कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जनप्रतिनिधियों को भी इस भ्रमण कार्यक्रम की जानकारी दी जाएगी ताकि स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय बन सके। जिन मामलों में राज्य स्तर से बजट या नीतिगत निर्णय की आवश्यकता होगी, वहां संभागायुक्त सीधे विभागों से समन्वय कर समाधान सुनिश्चित करेंगे।