इंदौर में 40 करोड़ की सरकारी जमीन पर अवैध कॉलोनी का भंडाफोड़, भूमाफिया पर एफआईआर
इंदौर जिला प्रशासन ने भूमाफिया के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मल्हारगंज क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश को नाकाम कर दिया है। प्रशासन ने ग्राम सिरपुर स्थित 2.711 हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही मुख्य आरोपी अज्जू खां के खिलाफ चंदन नगर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 40 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ऐसे रची गई जालसाजी की साजिश
मल्हारगंज के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और तहसीलदार की जांच में खुलासा हुआ कि सर्वे क्रमांक 33 की यह भूमि राजस्व अभिलेखों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के नाम दर्ज है। आरोपी अज्जू खां ने इस सरकारी जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए सर्वे क्रमांक 37/1 (जो कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर है) का हवाला देकर 17 छोटे-छोटे भूखंड तैयार कर दिए थे।
- अवैध कॉलोनी का नाम: न्यू लक्ष्मी नगर।
- साजिश का तरीका: नोटरी के माध्यम से सरकारी जमीन को निजी बताकर बेचना।
- वित्तीय धोखाधड़ी: जांच में सामने आया कि भूमाफिया ने 100 से अधिक प्लॉट करीब 5 लाख रुपये प्रति प्लॉट की दर से बेचकर आम जनता के साथ 5 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने इस मामले में कठोर रुख अपनाते हुए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
एफआईआर: 27 जुलाई को आरोपी अज्जू खां पिता भूरू खां के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 316(5) के तहत चंदन नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बेदखली के आदेश: मौके पर टीनशेड बनाकर रह रहे तीन व्यक्तियों—जरीना बी, बबली और यासमीन मंसूरी के खिलाफ राजस्व प्रकरण दर्ज कर उन्हें जमीन से बेदखल करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
यह इलाका लंबे समय से भूमाफिया के निशाने पर रहा है। इससे पहले 4 मई को भी प्रशासन ने इसी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर की जा रही फेंसिंग और अतिक्रमण को ध्वस्त किया था। उस समय अली मोहम्मद, वसीम पठान और शाहरुख कुरैशी सहित अन्य लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को नगर निगम की रिमूवल टीम ने पुलिस के सहयोग से हटाया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा।
