सड़क बनाम सड़क 2: 1991 की ब्लॉकबस्टर और 2020 की निराशाजनक विरासत
वर्ष 1991 में रिलीज हुई संजय दत्त और पूजा भट्ट अभिनीत फिल्म ‘सड़क’ उस दौर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक थी, जिसने न केवल बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया बल्कि एक सांस्कृतिक प्रभाव भी छोड़ा। इसके विपरीत, करीब तीन दशक बाद आई इसकी सीक्वल ‘सड़क 2’ बॉलीवुड के इतिहास में सबसे बड़ी आलोचनात्मक विफलताओं में गिनी जाती है। महेश भट्ट के निर्देशन में बनी ये दोनों फिल्में अपनी रिलीज और दर्शकों की प्रतिक्रिया के मामले में एक-दूसरे के बिल्कुल उलट साबित हुईं।
बॉक्स ऑफिस और प्रदर्शन का अंतर
1991 में रिलीज हुई ‘सड़क’ व्यावसायिक रूप से बेहद सफल रही थी। महज 2.70 से 3 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 10.8 करोड़ रुपये की कमाई की थी। फिल्म की कहानी, संगीत और संजय दत्त-पूजा भट्ट की केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आई थी।
वहीं, 2020 में आई ‘सड़क 2’ के साथ स्थितियां पूरी तरह बदल गईं। कोविड-19 महामारी के कारण इस फिल्म को सिनेमाघरों के बजाय सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी+ हॉटस्टार पर रिलीज किया गया, जिससे इसका कोई पारंपरिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन नहीं हो सका।
- सड़क (1991): संजय दत्त, पूजा भट्ट, दीपक तिजोरी। महेश भट्ट निर्देशित यह फिल्म एक बड़ी कमर्शियल हिट रही।
- सड़क 2 (2020): संजय दत्त, आलिया भट्ट, आदित्य रॉय कपूर। महामारी के चलते ओटीटी पर रिलीज हुई और भारी आलोचना का शिकार हुई।
‘सड़क 2’ की विफलता के प्रमुख कारण
‘सड़क 2’ की विफलता के पीछे केवल कमजोर पटकथा ही नहीं, बल्कि उस समय का सोशल मीडिया का माहौल भी एक बड़ा कारण था। फिल्म के ट्रेलर रिलीज के समय बॉलीवुड में नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) को लेकर छिड़ी बहस के कारण इसे दर्शकों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। यह यूट्यूब पर सबसे ज्यादा ‘डिस्लाइक’ की जाने वाली फिल्मों में से एक बन गई थी।
कमजोर पटकथा और दर्शकों की नाराजगी
डिजिटल प्रीमियर के बाद, फिल्म की कहानी और लेखन पर गंभीर सवाल उठाए गए। आलोचकों का मानना था कि आलिया भट्ट और आदित्य रॉय कपूर जैसे सितारों के होने के बावजूद फिल्म का कमजोर लेखन इसे बचा नहीं पाया। ‘सड़क’ जैसी कल्ट क्लासिक फिल्म की विरासत को आगे बढ़ाने में ‘सड़क 2’ बुरी तरह विफल रही, जिससे मूल फिल्म के प्रशंसकों को गहरी निराशा हुई।









