दिल्ली-NCR में बदला मौसम का मिजाज: बारिश से मिली उमस से राहत, AQI में भी सुधार
दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में मंगलवार से मौसम ने करवट ली है। राजधानी के कई हिस्सों में हुई हल्की से मध्यम बारिश ने भीषण उमस और गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बारिश के बाद हवा की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है और AQI ‘संतोषजनक’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है, जिससे तापमान सामान्य के करीब बना रहेगा। हालांकि, अगले सात दिनों तक तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना कम है।
तापमान और आर्द्रता का हाल
मंगलवार, 21 जुलाई को दिल्ली का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन भर बादल छाए रहने के बावजूद वातावरण में नमी का स्तर काफी अधिक रहा। आंकड़ों के अनुसार, आर्द्रता का स्तर 81 से 100 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया। नमी अधिक होने के कारण बीच-बीच में उमस महसूस हुई, लेकिन बारिश की बौछारों ने मौसम को काफी हद तक सुहावना बनाए रखा।
तेज हवाओं का असर और येलो अलर्ट
पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी के तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी गई है। मौसम विभाग ने बताया कि बारिश के दौरान दक्षिण-पूर्वी दिशा से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इन तेज हवाओं ने गर्मी के असर को कम करने में अहम भूमिका निभाई है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है, हालांकि अभी तक बड़े खतरे की चेतावनी नहीं दी गई है।
वायु गुणवत्ता में आया सुधार
बारिश के कारण दिल्ली की हवा पहले की तुलना में अधिक साफ हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, मंगलवार शाम तक दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 69 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। बारिश ने हवा में मौजूद हानिकारक धूल कणों को साफ कर दिया है, जिससे सांस लेना पहले से बेहतर हुआ है।
जलभराव से निपटने के लिए सरकार की नई पहल
मॉनसून के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अब राजधानी के सभी 13 जिलों में ‘जिला स्तरीय समन्वय समितियों’ (DLCCs) का गठन किया गया है। इन समितियों में नगर निगम, PWD, दिल्ली जल बोर्ड और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी शामिल होंगे। इनका मुख्य उद्देश्य बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान करना, जल निकासी को सुचारू बनाना और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
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