Korba: जुड़वा बच्चों की मौत पर बवाल, इलाज में लापरवाही का आरोप

कोरबा शहर स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में इलाज के दौरान जुड़वा नवजातों की दुखद मौत के बाद माहौल गरमा गया है। सोमवार को आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। परिजनों का साफ कहना है कि अस्पताल की गलतियों के कारण ही उन्होंने…

कोरबा के आयुष्मान हॉस्पिटल में जुड़वा बच्चों की मौत पर बवाल, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

कोरबा शहर स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में इलाज के दौरान जुड़वा नवजातों की दुखद मौत के बाद माहौल गरमा गया है। सोमवार को आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। परिजनों का साफ कहना है कि अस्पताल की गलतियों के कारण ही उन्होंने अपने दोनों बच्चों को खो दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, प्रसव के बाद दोनों नवजात पीलिया (Jaundice) की चपेट में आ गए थे। अस्पताल में उपचार के दौरान शनिवार रात एक बच्चे ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे बिलासपुर रेफर किया गया था। दुर्भाग्यवश, रविवार शाम को दूसरे नवजात ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

परिजनों का प्रदर्शन और पुलिस की मौजूदगी

दोनों बच्चों की असमय मौत से दुखी परिजनों ने सोमवार को अस्पताल पहुंचकर नारेबाजी की। स्थिति को बिगड़ता देख मानिकपुर चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर पूरी तरह से लापरवाही का ठप्पा लगाया है।

14 बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित परिवार के सदस्य संदीप कुमार ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए 14 मुख्य बिंदुओं पर जांच की मांग की है। परिजनों ने निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखी हैं:

  • अस्पताल में कार्यरत चिकित्सा कर्मचारियों की योग्यता की गहन जांच हो।
  • इलाज में बरती गई लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो।
  • पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन

मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार दीपक पटेल मौके पर पहुंचे। परिजनों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रबंधन ने न केवल इलाज में कोताही बरती, बल्कि समय रहते सही जानकारी देने में भी आनाकानी की।

नायब तहसीलदार ने बताया कि परिजनों की शिकायत और ज्ञापन को उच्च अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही एक विशेष जांच टीम का गठन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।