Sawan Update: खारून के दूषित पानी से अभिषेक न करें, घर से लाएं जल


सावन के पवित्र महीने की शुरुआत से ठीक पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खारून नदी की स्वच्छता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने महादेव घाट स्थित बाबा हाटकेश्वर नाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जलाभिषेक के लिए खारून…

रायपुर: खारून नदी के प्रदूषण पर सियासत, नेता प्रतिपक्ष की श्रद्धालुओं से अपील- घर से लाएं पवित्र जल

सावन के पवित्र महीने की शुरुआत से ठीक पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खारून नदी की स्वच्छता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने महादेव घाट स्थित बाबा हाटकेश्वर नाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जलाभिषेक के लिए खारून नदी के दूषित पानी का उपयोग न करें। उन्होंने भक्तों से आग्रह किया है कि वे अपने घरों से स्वच्छ जल लेकर ही महादेव घाट पहुंचें, क्योंकि चिंगरी नाले का गंदा पानी मिलने से नदी का जल पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है।

एक साल बाद भी धरातल पर काम नदारद

आकाश तिवारी ने आरोप लगाया है कि चिंगरी नाले के गंदे पानी को नदी में मिलने से रोकने के लिए पिछले एक साल से केवल निरीक्षण और कागजी घोषणाएं की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि नदी के संरक्षण के लिए प्रस्तावित कार्य योजनाएं अभी भी अधूरी पड़ी हैं। विपक्ष द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • अधूरी परियोजनाएं: नाले की स्क्रीनिंग वॉल बनाने और उसकी ऊंचाई बढ़ाने का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है।
  • एसटीपी का अभाव: गंदे पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तक पहुंचाने की योजना फाइलों में ही सिमटी हुई है।
  • चेक डैम की उपेक्षा: चेक डैम की दीवार की ऊंचाई न बढ़ाए जाने के कारण दूषित पानी लगातार नदी के मुख्य जलस्रोत में मिल रहा है।
  • छोटे नालों का बहाव: महादेव घाट के आसपास के अन्य छोटे नालों का गंदा पानी भी बिना किसी शोधन के सीधे नदी में गिराया जा रहा है।

ट्रिपल इंजन सरकार पर तीखे हमले

नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि समय रहते एसटीपी और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए बजट जारी किया गया होता, तो आज खारून नदी की यह दुर्दशा नहीं होती। उन्होंने महादेव घाट के प्रमुख पुजारी सुरेश गिरी महाराज का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक दृष्टिकोण से भी दूषित जल से अभिषेक करना उचित नहीं है।

आकाश तिवारी ने सरकार और नगर निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि सावन के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु महादेव घाट पहुंचते हैं। ऐसे में नदी की स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए थी, लेकिन सरकारी उदासीनता के कारण रायपुर की जीवनदायिनी नदी आज कचरे और गंदगी का केंद्र बन गई है।