लोरमी में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, भक्ति के रंग में रंगा पूरा शहर
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। शिवघाट स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर से जैसे ही भगवान का रथ बाहर निकला, पूरा नगर जयकारों से गूंज उठा। इस धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के रथ को खींचने के लिए उमड़ पड़े। भक्तों के बीच भगवान के दर्शन पाने की होड़ मची रही।
परंपराओं का निर्वहन और विशेष पूजा-अर्चना
प्राचीन परंपराओं का पालन करते हुए रथयात्रा से पूर्व मंदिर परिसर में विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की गई। लोरमी के महंत विवेकगिरि महाराज और राजपरिवार के सदस्यों ने पूरी निष्ठा के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया। इसके बाद भगवान के विग्रहों को भव्य रथ पर विराजमान कर मौसी के घर के लिए रवाना किया गया। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया। रथ के आगे झाड़ू लगाकर रास्ता साफ करने की रस्म भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाई गई।
रथयात्रा का मार्ग और भव्यता
भगवान जगन्नाथ की यह रथयात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान का आशीर्वाद लिया। यात्रा का रूट विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| क्रम | स्थान |
|---|---|
| 1 | शिवघाट स्थित जगन्नाथ मंदिर (प्रारंभ) |
| 2 | राजाबाड़ा चौक |
| 3 | हटरी चौक और मुंगेली चौक |
| 4 | पुराना बस स्टैंड |
| 5 | शिवघाट (वापसी) |
106 साल पुरानी गौरवशाली परंपरा
लोरमी के इस प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर का इतिहास लगभग 106 वर्ष पुराना है। यहां की रथयात्रा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह क्षेत्र की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा भी बन चुकी है। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा और भक्तों ने श्रद्धा के साथ भगवान की सेवा की।
