छत्तीसगढ़ में मानसून की सुस्त चाल: अगले 5 दिनों तक बारिश का अलर्ट, आधे जिलों में सूखे जैसे हालात
छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता एक बार फिर धीमी पड़ गई है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर छत्तीसगढ़ समेत राज्य के कई हिस्सों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। सुरक्षा के मद्देनजर नागरिकों को खराब मौसम में खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
बारिश का हाल: सामान्य से 24% कम वर्षा
राज्य में मानसून की स्थिति पर नजर डालें तो अब तक बारिश का आंकड़ा संतोषजनक नहीं है। 12 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सामान्य से 21% से 24% तक कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य में अब तक मात्र 252.4 मिमी (9.9 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक 320.6 मिमी (12.5 इंच) वर्षा होनी चाहिए थी। पिछले 24 घंटों में खरोरा में सबसे अधिक 10 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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रायपुर का मौसम और तापमान
राजधानी रायपुर में आज, 13 जुलाई को आसमान में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं, पेंड्रारोड में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
छत्तीसगढ़ के जिलों में बारिश की स्थिति (डेटा विश्लेषण)
प्रदेश के 32 जिलों में से आधे जिले (16 जिले) अभी भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। जिलेवार स्थिति नीचे दी गई है:
| श्रेणी | स्थिति |
|---|---|
| अत्यधिक बारिश | सारंगढ़-बिलाईगढ़ (सामान्य से 74% अधिक) |
| अधिक बारिश | मुंगेली (सामान्य से 21% अधिक) |
| सामान्य बारिश | बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, दंतेवाड़ा, दुर्ग, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा आदि। |
| बारिश की कमी | प्रदेश के 16 जिले अभी भी औसत से कम बारिश झेल रहे हैं। |
किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण समय
जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों की बुआई के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। धान की खेती के लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन बारिश की कमी के कारण बुआई और फसलों की शुरुआती बढ़वार पर बुरा असर पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 13 से 15 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होती है, तो खेतों में नमी बढ़ेगी और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
- सावधानी: गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
- कृषि अपडेट: जिन जिलों में बारिश कम है, वहां सिंचाई के वैकल्पिक साधनों पर ध्यान दें।
- पूर्वानुमान: अगले 48 घंटों में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश की उम्मीद है।










