रायगढ़ में आईजी की अहम बैठक: नए कानूनों के पालन और समयबद्ध विवेचना पर जोर
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) राम गोपाल गर्ग ने बुधवार को रायगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के तमाम राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री के रायगढ़ प्रवास के तुरंत बाद आयोजित इस बैठक में आईजीपी ने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग का भविष्य तकनीक और प्रोफेशनलिज्म में निहित है। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, संपत्ति संबंधी अपराधों में त्वरित एफआईआर और जांच को समयसीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
समयबद्ध जांच और चालान का लक्ष्य
आईजीपी ने विवेचना की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की है। उन्होंने निर्देश दिए कि सात साल या उससे अधिक सजा वाले मामलों में 90 दिनों के भीतर और अन्य अपराधों में एफआईआर दर्ज होने के 60 दिनों के भीतर चालान पेश करना अनिवार्य होगा। बैठक में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए प्राथमिकता तय करने और जटिल मामलों में एसडीओपी (SDOP) के मार्गदर्शन में जांच पूरी करने पर जोर दिया गया।
तकनीक आधारित पुलिसिंग पर फोकस
नवीन कानूनों के अनुरूप पुलिसिंग को अपडेट करने के लिए आईजीपी ने निम्नलिखित तकनीकी बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा है:
- ई-साक्ष्य संकलन, ऑडियो-वीडियोग्राफी और CCTNS में प्रपत्रों की समयबद्ध एंट्री।
- डिजिटल सिग्नेचर का अनिवार्य उपयोग।
- मेडिकल अनुरोधों को मेडलर पोर्टल के माध्यम से भेजना।
- न्यायालयीन पेशियों में पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित करना।
अपराध नियंत्रण और सख्त निगरानी
संपत्ति संबंधी अपराधों को लेकर आईजीपी का रुख बेहद सख्त रहा। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि किसी भी वैधानिक शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल न की जाए। इसके साथ ही चोरी के वाहनों की बरामदगी के लिए ‘सशक्त ऐप’ का उपयोग बढ़ाने, आदतन अपराधियों की निगरानी करने और जमानत पर बाहर आए अपराधियों द्वारा पुन: अपराध करने पर उनकी जमानत निरस्त कराने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशिक्षण और जवाबदेही
बैठक में फरार आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी करने में देरी न करने और शून्य मर्ग के मामलों में संबंधित थानों को तत्काल सूचना देने पर चर्चा हुई। एनडीपीएस (NDPS) जैसे गंभीर अपराधों की विवेचना को और अधिक मजबूत बनाने के लिए समय-समय पर अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
बैठक के समापन पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने आईजीपी को आश्वस्त किया कि रायगढ़ पुलिस इन निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करेगी। उन्होंने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण और तकनीक आधारित पुलिसिंग को शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम जनता को बेहतर सुरक्षा और समय पर न्याय मिल सके।










