कोरबा में नाबालिग वाहन चालकों पर पुलिस का शिकंजा, 25 छात्र पकड़े गए
कोरबा जिले में सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। शुक्रवार को जिलेभर में चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान 25 नाबालिग स्कूली छात्र-छात्राओं को दोपहिया वाहन चलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चलाने वाले नाबालिगों और उनके अभिभावकों में हड़कंप मच गया है। पकड़े गए सभी छात्रों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
जागरूकता के बाद भी नहीं सुधरे हालात
पुलिस ने इस कार्रवाई से कुछ दिन पहले ही जिले के विभिन्न स्कूलों में व्यापक यातायात जागरूकता अभियान चलाया था। इस दौरान छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को सड़क सुरक्षा नियमों और बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने के खतरों के बारे में विस्तार से समझाया गया था। पुलिस ने स्पष्ट किया था कि कम उम्र में ड्राइविंग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सड़क हादसों को भी न्योता देता है। इसके बावजूद, कई स्थानों पर नाबालिग बेखौफ होकर वाहन चलाते नजर आए।
प्रमुख चौराहों और स्कूलों के बाहर सघन चेकिंग
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को पुलिस ने स्कूलों के आसपास, प्रमुख व्यस्त चौराहों और मुख्य मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान पकड़े गए नाबालिगों के वाहनों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण | संख्या/जानकारी |
|---|---|
| पकड़े गए नाबालिग वाहन चालक | 25 |
| कार्रवाई का आधार | मोटर व्हीकल एक्ट (नियम उल्लंघन) |
| प्रमुख स्थान | स्कूलों के पास और व्यस्त चौराहे |
अभिभावकों को दी गई कड़ी चेतावनी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके पर ही नाबालिगों के अभिभावकों को तलब किया। पुलिस अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा कि बच्चों को कम उम्र में वाहन सौंपना उनकी जान जोखिम में डालने जैसा है। अभिभावकों को भविष्य के लिए सख्त हिदायत दी गई है कि यदि दोबारा उनके बच्चे वाहन चलाते हुए पकड़े गए, तो न केवल वाहन जब्त किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का उद्देश्य: ‘जान बचाना प्राथमिकता’
एडिशनल एसपी लखन पटले ने इस अभियान पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि बच्चों की जान की सुरक्षा करना है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन न दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा और विशेष रूप से स्कूलों के खुलने और छुट्टी के समय पुलिस की कड़ी निगरानी बनी रहेगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
