Jagannath Yatra: मंत्री-विधायकों ने किए भगवान के दर्शन, मंदिर में 9 दिन रहेंगे प्रभु

रायपुर के गायत्रीनगर स्थित प्रसिद्ध मौसी माता मंदिर में शुक्रवार की रात भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान जगन्नाथ की रात्रि आरती के अवसर पर मंदिर परिसर पूरी तरह से धर्ममय हो गया। रथयात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस पावन…

रायपुर के मौसी माता मंदिर में गूंजे जयकारे, भगवान जगन्नाथ की भव्य रात्रि आरती में उमड़ा जनसैलाब

रायपुर के गायत्रीनगर स्थित प्रसिद्ध मौसी माता मंदिर में शुक्रवार की रात भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान जगन्नाथ की रात्रि आरती के अवसर पर मंदिर परिसर पूरी तरह से धर्ममय हो गया। रथयात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस पावन अवसर पर प्रदेश के कई दिग्गज नेता, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और हजारों की संख्या में भक्त भगवान का आशीर्वाद लेने पहुंचे।

आरती में शामिल हुए प्रदेश के शीर्ष गणमान्य नागरिक

भगवान जगन्नाथ की विशेष आरती में राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्रियों से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक की उपस्थिति रही। सभी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उपस्थित प्रमुख अतिथियों का विवरण नीचे दिया गया है:

पद/श्रेणीनाम
कैबिनेट मंत्रीराम विचार नेताम, गुरु खुशवंत साहेब
वरिष्ठ अधिकारीडीजीपी अरुण देव गौतम, पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला
जनप्रतिनिधिधरमलाल कौशिक, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, रोहित साहू और चैतराम अटानी

क्यों खास है मौसी माता मंदिर में भगवान का प्रवास?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रथयात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ नौ दिनों के लिए मौसी माता मंदिर में विश्राम करते हैं। भक्तों के बीच ऐसी गहरी आस्था है कि इस दौरान भगवान के दर्शन करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आरती के समय मंदिर परिसर शंख ध्वनि, घंटियों की गूंज और मधुर भजनों से गुंजायमान हो उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

बाहुड़ा यात्रा को लेकर उत्साह, विधायक पुरंदर मिश्रा ने की अपील

श्री जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष और रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने इस आयोजन को शहर की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा हमें एकता, सेवा और आपसी भाईचारे का मार्ग दिखाती है। समिति की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र भेंटकर और महाप्रभु का प्रसाद देकर किया गया।

  • सांस्कृतिक महत्व: रायपुर की वर्षों पुरानी परंपरा और आस्था का केंद्र।
  • आगामी कार्यक्रम: श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे आगामी बाहुड़ा यात्रा में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
  • भक्ति भाव: मंदिर में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करें।

समिति ने सभी भक्तों से अनुरोध किया है कि वे भगवान जगन्नाथ के मौसी माता मंदिर प्रवास के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।