Mahadev App: सट्टेबाजी का आरोपी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार, रायपुर ला रही ED

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एजेंसी ने इस सिंडिकेट से जुड़े प्रमुख कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने आरोपी को 24 घंटे…

महादेव सट्टा ऐप घोटाला: ईडी का बड़ा एक्शन, कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एजेंसी ने इस सिंडिकेट से जुड़े प्रमुख कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने आरोपी को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ईडी को सौंप दिया है। एडिशनल सेशंस जज विजय शंकर ने ईडी को गर्ग को रायपुर ले जाकर वहां की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश करने की अनुमति प्रदान कर दी है।

ईडी की टीम विकास गर्ग को हिरासत में लेकर रायपुर पहुंच चुकी है। आज, बुधवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा, जहां एजेंसी द्वारा पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड की मांग की जाएगी। गौरतलब है कि ईडी इस मामले में गर्ग से महादेव ऐप के वित्तीय नेटवर्क, हवाला लेनदेन और अन्य संदिग्धों के साथ उसके संबंधों के बारे में गहन पूछताछ करने की तैयारी में है। इससे पहले, एजेंसी ने गर्ग की 940 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की थी।

450 करोड़ रुपये का मासिक अवैध कारोबार

ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट विदेश से संचालित ‘पैनल नेटवर्क’ के माध्यम से अपना जाल फैला रहा था। एजेंसी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के जरिए हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया है कि अपराध से अर्जित इस मोटी रकम को शेल कंपनियों और जटिल वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध बनाने का प्रयास किया गया था।

  • अवैध कमाई का जरिया: विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित पैनल नेटवर्क।
  • मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका: फर्जी कंपनियों के माध्यम से काले धन को सफेद करना।
  • निवेश: अवैध कमाई के 940.77 करोड़ रुपये गर्ग की कंपनियों में निवेश कर शेयर और संपत्तियां खरीदी गईं।

अब तक 3800 करोड़ की संपत्ति हुई जब्त

महादेव ऑनलाइन बेटिंग मामले में ईडी अब तक देश की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम दे चुकी है। इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई का विवरण नीचे दिया गया है:

विवरण आंकड़ा/स्थिति
अब तक कुर्क/फ्रीज की गई संपत्ति लगभग 3,800 करोड़ रुपये
अदालत में दायर शिकायतें कई अभियोजन शिकायतें (Prosecution Complaints)
जांच का आधार छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज एफआईआर

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और भारत लाने की कवायद

इस केस के मुख्य आरोपी और महादेव ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान में गिरफ्तार किया गया है। चंद्राकर पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट का उपयोग कर ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। वह 2019 से फरार था और लंबे समय से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में छिपकर अपना सिंडिकेट चला रहा था। वर्तमान में उसे मस्कट के हाई-सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला चंद्राकर करीब 5000 करोड़ रुपये के घोटाले का मुख्य आरोपी है। ईडी अब उसे भारत लाने की औपचारिक प्रक्रिया में जुटी है।


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