बलरामपुर में हाथी का तांडव: घर में घुसकर ग्रामीण को कुचला, गांव में फैली दहशत
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां बीती रात हाथियों के एक दल ने कहर बरपाया। रेवतीपुर गांव में जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान नावापारा निवासी बालम साय के रूप में हुई है। घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और ग्रामीण भारी दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।
घर तोड़ने के दौरान हुआ जानलेवा हमला
मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात करीब 9 बजे 4 हाथियों का एक झुंड भटकते हुए रेवतीपुर गांव में दाखिल हुआ। इनमें से एक आक्रामक हाथी ने बालम साय के घर को निशाना बनाया और पीछे की दीवार तोड़नी शुरू कर दी। घर के अंदर से आवाज आने पर बालम साय स्थिति देखने के लिए बाहर निकले। हाथी को सामने देख उन्होंने शोर मचाया और वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उन्हें खदेड़ लिया।
- हाथी का हमला: घर से भागते समय हाथी ने बालम साय को सूंढ़ से पकड़कर पटक दिया और कुचल दिया।
- तत्काल मौत: गंभीर चोट लगने के कारण बालम साय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
- कम दिखाई देना: परिजनों का कहना है कि बालम साय को कम दिखाई देता था, जिसके कारण वह हाथी से बच नहीं पाए।
गांव में दहशत का माहौल, वन विभाग अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और ‘हाथी मित्र दल’ के सदस्य तुरंत गांव पहुंचे। फिलहाल, 4 हाथियों का दल अभी भी रेवतीपुर के आसपास ही डेरा जमाए हुए है, जिससे ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। वन विभाग ने लोगों को रात के समय सतर्क रहने और घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।
हाथियों के हमले का मुख्य कारण
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, हाथियों के बार-बार रिहायशी इलाकों में आने के पीछे मुख्य कारण मौसमी फल और अनाज की महक है। विभाग ने इस घटना से जुड़ी मुख्य बातें साझा की हैं:
| कारण | विवरण |
|---|---|
| आकर्षण | गांवों में मौजूद महुआ, पके कटहल और आम की खुशबू हाथियों को आकर्षित कर रही है। |
| घर में महुआ | बालम साय के घर में महुआ रखा था, जिसकी गंध सूंघकर ही हाथी ने उनके घर पर हमला किया। |
| सुरक्षा सलाह | ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे घर में महुआ या अन्य खुशबूदार खाद्य सामग्री न रखें। |
फिलहाल वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है ताकि किसी और अनहोनी को रोका जा सके। ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
