कवर्धा में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: अयोध्या राम मंदिर में कथित अनियमितताओं की न्यायिक जांच की मांग
छत्तीसगढ़ के कवर्धा में जिला कांग्रेस कमेटी ने अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।
आस्था के नाम पर राजनीति का आरोप
प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति कर सत्ता का सुख भोगा, आज उनके शासनकाल में ही रामलला के मंदिर की सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। जायसवाल ने कहा, “यदि रामलला का चढ़ावा और मंदिर की व्यवस्था ही सुरक्षित नहीं है, तो यह करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर सीधा प्रहार है।”
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल चोरी या वित्तीय गड़बड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा है। नवीन जायसवाल ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रमुख नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं
धरना-प्रदर्शन में शामिल वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने भाजपा की चुप्पी पर कई सवाल खड़े किए हैं:
- ममता चंद्राकर (पूर्व विधायक): उन्होंने कहा कि भाजपा ने वर्षों तक ‘जय श्रीराम’ के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकीं, लेकिन आज मंदिर से जुड़े विवादों पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी उनकी मंशा पर सवाल उठाती है।
- मनीष शर्मा (जिला महामंत्री): उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राम नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया है और अब वे जवाबदेही से भाग रहे हैं।
- अशोक सिंह ठाकुर (शहर कांग्रेस अध्यक्ष): उन्होंने दो टूक कहा कि धर्म और आस्था के नाम पर राजनीति करने वालों को अब देश की जनता को जवाब देना ही होगा।
जांच के लिए सरकार पर बनाया दबाव
| प्रमुख मांगें | उद्देश्य |
|---|---|
| न्यायिक जांच | मंदिर की वित्तीय अनियमितताओं का सच सामने लाना। |
| सुप्रीम कोर्ट की निगरानी | जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना। |
| दोषियों पर कार्रवाई | आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को सजा दिलाना। |
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाया गया, तो पार्टी आने वाले समय में अपने विरोध प्रदर्शनों को और अधिक तेज करेगी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे राम मंदिर से जुड़ी हर अनियमितता का पर्दाफाश करके ही दम लेंगे।










