कोरबा: पुरानी रंजिश में कंप्यूटर दुकान में तोड़फोड़, संचालक ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के व्यस्त बुधवारी बाजार इलाके में दिनदहाड़े गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कंप्यूटर सेंटर में घुसकर न केवल जमकर तोड़फोड़ की गई, बल्कि संचालक के साथ मारपीट और गाली-गलौच भी की गई। पीड़ित दुकानदार ने आरोप लगाया है कि यह पूरी वारदात एक पुराने कानूनी विवाद को रफा-दफा करने के लिए दबाव बनाने की नियत से की गई है। मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
राम जानकी मंदिर, बुधवारी निवासी और एम. जीनियस कंप्यूटर सेंटर के संचालक अमन सोनी ने बताया कि घटना 15 जुलाई 2026 की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच की है। आरोप है कि बुधवारी बाजार निवासी कैलाश अग्रवाल जबरन उनकी दुकान में दाखिल हुआ। पीड़ित के मुताबिक, आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते दुकान के डेस्क का कांच तोड़ दिया और रिपेयरिंग के लिए आए दो महंगे लैपटॉप जमीन पर पटक कर क्षतिग्रस्त कर दिए। इतना ही नहीं, आरोपी ने जान से मारने की धमकी देते हुए पीड़ित के साथ धक्का-मुक्की भी की।
दबाव बनाने के लिए रची गई साजिश
पीड़ित दुकानदार अमन सोनी ने इस घटना के पीछे का असली कारण बताते हुए कहा कि यह सब एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने बताया कि आरोपी कैलाश अग्रवाल के बेटे अक्षत अग्रवाल के खिलाफ एक चेक बाउंस का मामला न्यायालय में चल रहा है। अमन का आरोप है कि कैलाश अग्रवाल लगातार उन पर दबाव बना रहे हैं कि वे इस केस को वापस ले लें। इसी रंजिश के चलते दुकान में दहशत फैलाई गई ताकि वे केस वापस लेने के लिए मजबूर हो जाएं।
पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
दुकानदार का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने सीएसईबी चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें अगले दिन आने का कहकर टरका दिया। अगले दिन जब वे फिर पहुंचे, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। पीड़ित का कहना है कि अब तक न तो कोई कार्रवाई हुई है और न ही उन्हें शिकायत की पावती (रिसीविंग) दी गई है।
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| घटना का स्थान | बुधवारी बाजार, कोरबा |
| मुख्य आरोपी | कैलाश अग्रवाल |
| नुकसान | डेस्क का कांच और 2 लैपटॉप क्षतिग्रस्त |
| विवाद का कारण | चेक बाउंस केस वापस लेने का दबाव |
पुलिस का क्या है कहना?
लगातार उपेक्षा और कार्रवाई न होने से परेशान होकर पीड़ित ने अब सीधे कोरबा पुलिस अधीक्षक (SP) के पास पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी है। इस मामले में सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी का कहना है कि उन्हें दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें मिली हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
