सारंगढ़-बिलाईगढ़ में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने पर पटवारी निलंबित
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सरिया तहसील में पदस्थ पटवारी वीरेंद्र सिंह राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निलंबन राजस्व विभाग के कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने और आम नागरिकों की शिकायतों को नजरअंदाज करने के चलते किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पटवारी वीरेंद्र सिंह राजपूत पर लंबे समय से अपने कार्यक्षेत्र से गायब रहने और ग्रामीणों के राजस्व संबंधी आवेदनों का समय पर निपटारा न करने के आरोप लग रहे थे। 20 मई को ग्राम पुजेरीपाली में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के दौरान ग्रामीणों ने सीधे कलेक्टर से शिकायत की थी कि संबंधित पटवारी न तो फोन उठाता है और न ही दफ्तर में उपस्थित रहता है। जांच में इन सभी आरोपों की पुष्टि होने के बाद उच्च अधिकारियों ने निलंबन का कड़ा फैसला लिया।
यह भी पढ़ें– छत्तीसगढ़ में कल से मानसून होगा सक्रिय, उत्तरी इलाकों में 5 दिन झमाझम बारिश
बार-बार नोटिस के बाद भी नहीं हुआ सुधार
पटवारी की कार्यशैली में सुधार न होने के कारण यह कार्रवाई और भी आवश्यक हो गई थी। निलंबन के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- लगातार अनुपस्थिति: पटवारी अपने हल्के में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते थे, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
- कारण बताओ नोटिस: तहसीलदार सरिया द्वारा पटवारी को लापरवाही के लिए दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
- राजस्व कार्यों में सुस्ती: नक्शा बटांकन और अन्य महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों को लटकाए रखना उनकी बड़ी विफलता रही।
- मुख्यालय में बदलाव: निलंबन की अवधि के दौरान पटवारी वीरेंद्र सिंह राजपूत का मुख्यालय तहसील कार्यालय बरमकेला निर्धारित किया गया है।
कलेक्टर के इस आदेश के बाद अब अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि जनसेवा में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि राजस्व विभाग आम जनता से सीधे जुड़ा होता है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की कोताही गंभीर मानी जाएगी। फिलहाल, विभाग ने पटवारी के निलंबन की प्रक्रिया पूरी कर ली है और आगे की विभागीय जांच जारी रहेगी।





