मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में 22 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला गरमा गया है। जरहागांव थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले के आरोपी शारदा प्रसाद पाठक की अग्रिम जमानत याचिका अदालत से खारिज होने के बाद भी अब तक गिरफ्तारी न होने पर शिकायतकर्ता हर्ष पाण्डेय ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने और कार्रवाई में देरी के कारणों की जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
जरहागांव थाने में आरोपी शारदा प्रसाद पाठक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 296 और 351(3) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से 22 लाख रुपये की ठगी की है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने मुंगेली के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने 25 जुलाई 2026 को खारिज कर दिया था।
शिकायतकर्ता की चिंता और पुलिस का पक्ष
शिकायतकर्ता हर्ष पाण्डेय का दावा है कि जमानत खारिज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहा है, जिससे साक्ष्यों से छेड़छाड़ और गवाहों को डराने-धमकाने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह जताते हुए कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी में बरती जा रही ढिलाई न्याय प्रक्रिया के खिलाफ है।
इस मामले पर जरहागांव थाना प्रभारी शोभा यादव ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा:
- आरोपी एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार है।
- पुलिस की टीमें लगातार आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
- पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाना उचित नहीं है, कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी है।
फिलहाल, मुंगेली पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बन गया है। जहां एक ओर पीड़ित पक्ष गिरफ्तारी के लिए दबाव बना रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि वे आरोपी की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस मामले में अब पुलिस की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।









