भाजपा ने कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव के बयान पर जताई कड़ी नाराजगी
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव द्वारा कथित तौर पर नक्सली हिड़मा के संदर्भ में दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा नेता ने इस बयान को प्रदेश की शांति, लोकतंत्र और नक्सली हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों व निर्दोष आदिवासियों का सीधा अपमान करार दिया है।
सत्यनारायण सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि द्वारा हिड़मा जैसे खूंखार नक्सली का महिमामंडन करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने मांग की है कि अटल श्रीवास्तव को अपने इस बयान के लिए प्रदेश की जनता और शहीद परिवारों से अविलंब बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
हिड़मा को बताया कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड
भाजपा नेता ने हिड़मा के काले कारनामों को याद दिलाते हुए कहा कि वह झीरम घाटी, ताड़मेटला और बीजापुर-सुकमा जैसे भयावह नक्सली हमलों का मुख्य साजिशकर्ता रहा है। उन्होंने कहा कि हिड़मा की दहशत और उसके द्वारा रची गई साजिशों के कारण न केवल सुरक्षा बलों के जवानों ने शहादत दी है, बल्कि कई निर्दोष आदिवासियों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| आरोपी विधायक | अटल श्रीवास्तव (कांग्रेस) |
| भाजपा नेता | सत्यनारायण सिंह (प्रदेश अध्यक्ष, अजजा मोर्चा) |
| मुख्य मांग | सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी |
कांग्रेस की कार्यप्रणाली और सोच पर उठाए सवाल
सत्यनारायण सिंह ने कांग्रेस पार्टी की मंशा पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार बस्तर के विकास और नक्सलवाद के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं के ऐसे बयान उनकी नकारात्मक सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कांग्रेस के आलाकमान से सवाल किया है कि क्या पार्टी अपने विधायक के इस विवादित बयान का समर्थन करती है? यदि नहीं, तो अब तक उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
आंदोलन की चेतावनी
भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपना लिया है। सत्यनारायण सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि अटल श्रीवास्तव ने जल्द ही सार्वजनिक माफी नहीं मांगी, तो भारतीय जनता पार्टी सड़क से लेकर सदन तक उग्र विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि नक्सली हिंसा में अपनों को खोने वाले परिवारों की भावनाओं का सम्मान करना हर राजनेता का कर्तव्य है और इस पर किसी भी प्रकार की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- शहीद परिवारों की भावनाओं का सम्मान हो।
- नक्सली विचारधारा का समर्थन बंद करे कांग्रेस।
- विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग।
