कोरबा में नशामुक्ति की अनूठी पहल: झाबर गांव ने कसी कमर, शराब बेचने पर लगेगा 10 हजार का जुर्माना
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले स्थित दीपका क्षेत्र की ग्राम पंचायत झाबर ने समाज सुधार की दिशा में एक साहसी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। गांव को पूरी तरह से नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने दीपका पुलिस के साथ मिलकर एक विशेष अभियान का आगाज किया है। इस मुहिम के तहत गांव में शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन व बिक्री पर सख्त आर्थिक दंड का प्रावधान लागू कर दिया गया है।
ग्राम सभा में पारित हुआ सख्त नियम
हाल ही में आयोजित ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसके अनुसार गांव की सीमाओं के भीतर किसी भी प्रकार की नशीली गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का विवरण इस प्रकार है:
| अपराध का प्रकार | जुर्माने की राशि |
|---|---|
| शराब या नशीले पदार्थ बनाना या बेचना | 10,000 रुपये |
| नशीले पदार्थ खरीदना या सार्वजनिक स्थान पर सेवन | 5,000 रुपये |
महिला कमांडर समिति संभालेगी निगरानी की कमान
इन नियमों को धरातल पर उतारने और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गांव की महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। एक विशेष ‘महिला कमांडर समिति’ का गठन किया गया है, जो पुलिस के साथ मिलकर गांव में निरंतर गश्त करेगी और अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखेगी। समिति के मुख्य पदाधिकारी इस प्रकार हैं:
- नोनी बाई कंवर: अध्यक्ष
- राधा बाई महंत: उपाध्यक्ष
- शेषमति पटेल: सचिव
पुलिस और ग्रामीणों का साझा संकल्प
इस अभियान को सफल बनाने के लिए दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू के मार्गदर्शन में विशेष बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में प्रशिक्षु उप-निरीक्षक निखिल देवांगन, आरक्षक अंकित पांडे और मुकेश यादव ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से गांव को नशे की जंजीरों से मुक्त कराने का संकल्प लिया है।
इस महत्वपूर्ण ग्राम सभा में सरपंच रामसिंह कंवर सहित पंचायत के अन्य प्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और बड़ी संख्या में जागरूक ग्रामीण उपस्थित रहे। पुलिस और ग्राम पंचायत की इस संयुक्त पहल की पूरे कोरबा जिले में जमकर सराहना हो रही है, जिसे अन्य गांवों के लिए एक प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।










