Sahara India: रायगढ़ में 40 करोड़ की धोखाधड़ी का फरार मैनेजर गिरफ्तार


छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बहुचर्चित सहारा इंडिया निवेश घोटाले के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने कबीर चौक स्थित सहारा इंडिया शाखा के मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है, जो पिछले करीब तीन वर्षों से कानून से छिपता फिर रहा था। आरोपी को हिरासत में लेने के बाद आवश्यक…

रायगढ़ सहारा इंडिया घोटाला: तीन साल से फरार ब्रांच मैनेजर गिरफ्तार, करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बहुचर्चित सहारा इंडिया निवेश घोटाले के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने कबीर चौक स्थित सहारा इंडिया शाखा के मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है, जो पिछले करीब तीन वर्षों से कानून से छिपता फिर रहा था। आरोपी को हिरासत में लेने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

निवेशकों को झांसा देकर हड़पे 40 लाख रुपये

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा साल 2022 में हुआ था। कृष्णा विहार कॉलोनी निवासी विकास निगानिया ने 29 सितंबर 2022 को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि सहारा इंडिया के कर्मचारियों और अधिकारियों ने कंपनी के आरबीआई से अधिकृत होने का झूठा भरोसा दिलाया। इस झांसे में आकर उन्होंने और उनके परिवार ने 2017 में विभिन्न योजनाओं के तहत 40 लाख रुपये का निवेश किया था।

  • परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों को राशि वापस नहीं की गई।
  • जांच में सामने आया कि निवेशकों से पैसा सहारा इंडिया के नाम पर लिया गया, लेकिन बॉन्ड सहकारी समितियों के जारी किए गए।
  • यह पूरी धोखाधड़ी सुनियोजित तरीके से की गई थी।

ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस ने बिछाया जाल

इस मामले में वांछित आरोपी विजय कुमार शराफ (54 वर्ष), जो कि कबीर चौक शाखा का मैनेजर था, लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी कोतरारोड स्थित अपने ससुराल आया हुआ है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से कंपनी के महत्वपूर्ण प्रशासनिक दस्तावेज और एमओयू की प्रतियां बरामद की गई हैं।

अब तक करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा

पुलिस ने अब तक इस मामले में सहारा इंडिया के कई पूर्व अधिकारियों और डायरेक्टर्स को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जिनमें ओम प्रकाश शर्मा, पुष्पेन्द्र कुमार साहू, करूणेश अवस्थी, अमृत लाल श्रीवास और रीजनल मैनेजर रजनीष तिवारी शामिल हैं। अब तक की जांच में करीब 3,848 निवेशकों के साथ 40 करोड़ 78 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा हो चुका है।

SSP शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों की गाढ़ी कमाई लूटने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस फरार चल रहे अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है। आर्थिक अपराधों में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।