सरकारी स्कूलों की बदहाली पर कांग्रेस का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला
छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए दो महीने का वक्त बीत चुका है, लेकिन राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। स्कूलों में न केवल शिक्षकों का भारी टोटा है, बल्कि बुनियादी सुविधाओं का भी घोर अभाव है, जिसका सीधा खामियाजा प्रदेश के लाखों छात्र भुगत रहे हैं।
57 हजार पद खाली, भर्ती के नाम पर केवल वादे
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में वर्तमान में शिक्षकों के करीब 57 हजार पद रिक्त पड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में एक भी नियमित शिक्षक की भर्ती नहीं की है। इसके उलट, संविलियन की आड़ में शिक्षकों के पदों को समाप्त करने और 10,400 से अधिक स्कूलों को बंद करने का काम किया गया है।
- पूर्व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में 35 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था।
- वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बजट 2025 में 20 हजार पदों पर भर्ती की घोषणा की थी।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी 5 हजार शिक्षकों की भर्ती का आश्वासन दिया था, जो अब तक अधूरा है।
रायपुर से लेकर पूरे प्रदेश में शिक्षकों का संकट
कांग्रेस का आरोप है कि हर महीने सैकड़ों शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन सरकार नई नियुक्तियों को लेकर पूरी तरह उदासीन है। राजधानी रायपुर की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा गया कि शहर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों में ही शिक्षकों के 250 से अधिक पद खाली पड़े हैं। नगर निगम के स्कूलों में तो सहायक शिक्षक ही व्याख्याता की जिम्मेदारी निभाने को मजबूर हैं, जो शिक्षा की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल उठाता है।
बुनियादी सुविधाओं के अभाव में छात्रों का भविष्य अधर में
शिक्षा के प्रति सरकार की उपेक्षा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक सभी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुंच पाई हैं। कांग्रेस ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि प्रदेश के 12,560 से अधिक स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं, जहां बारिश के मौसम में छत से पानी टपकता है। इसके अलावा, कई स्कूलों में पीने का साफ पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। इन अव्यवस्थाओं के कारण बड़ी संख्या में छात्राओं की पढ़ाई बीच में ही छूटने का खतरा बना हुआ है। कांग्रेस ने सरकार से अविलंब शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।










