Bijapur News: पुल न होने से उफनती नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण


छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में चोखनपाल-गंगालूर मार्ग पर पुल-पुलियों के निर्माण न होने से मानसून के दौरान जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक नदी-नाले उफान पर होने के कारण ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के बीच यह मार्ग…

बीजापुर: चोखनपाल-गंगालूर मार्ग पर पुलों का अभाव, उफनते नालों को पार करने को मजबूर ग्रामीण

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में चोखनपाल-गंगालूर मार्ग पर पुल-पुलियों के निर्माण न होने से मानसून के दौरान जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक नदी-नाले उफान पर होने के कारण ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के बीच यह मार्ग पूरी तरह से असुरक्षित हो चुका है, जिससे मरीजों, स्कूली छात्रों और किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

जान जोखिम में डालकर सफर

इलाके में बुनियादी ढांचे की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों को अपनी मोटरसाइकिल और जरूरी सामान कंधों पर लादकर उफनती नदियों को पार करना पड़ रहा है। धनोरा नाला, जल्लावागु, मिंगाचल, चेरपाल और तालपेरू जैसे प्रमुख जलस्रोत इस समय खतरे के निशान के ऊपर बह रहे हैं। सुरक्षित पुलों के अभाव में लोग अपनी जान हथेली पर रखकर रोजमर्रा के कामों के लिए इन नालों को पार करने को मजबूर हैं।

  • प्रभावित सेवाएं: संपर्क मार्ग कटने से गांवों की मुख्यधारा से दूरी बढ़ गई है, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और खाद्यान्न आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
  • खतरा: बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
  • आर्थिक मार: किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग का अलर्ट और बढ़ती चिंता

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बीजापुर जिले के लिए आगामी दिनों में भी भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर और अधिक बढ़ सकता है। इससे न केवल आवागमन के संकट के गहराने की आशंका है, बल्कि उन गांवों के पूरी तरह से कट जाने का भी डर बना हुआ है जहाँ अभी तक कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है।

प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चोखनपाल-गंगालूर मार्ग इस क्षेत्र की जीवनरेखा है, लेकिन पुल-पुलियों के अभाव में यह हर साल बारिश के दौरान एक जानलेवा मार्ग में तब्दील हो जाता है। लंबे समय से मांग के बावजूद स्थायी समाधान न होने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। प्रशासन की ओर से अभी तक इन संवेदनशील स्थलों पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे किसी भी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।


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