बिलासपुर रेलवे जोन में सुरक्षा का नया खाका: अब हाई-टेक निगरानी से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
बिलासपुर रेलवे जोन और इससे जुड़े सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को अब अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। रेलवे परिसर में अपराधों को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) स्थापित किए जाएंगे। मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित रेलवे सुरक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में आरपीएफ, जीआरपी और बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा समेत सात जिलों के पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
एक माह में तैयार होगा अपराधियों का डिजिटल डेटाबेस
सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आईजी रामगोपाल गर्ग ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अगले एक महीने के भीतर आदतन अपराधियों, नशा तस्करों और लापता बच्चों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार करें। इस डेटा को आरपीएफ के साथ साझा किया जाएगा, जिससे एफआरएस तकनीक के माध्यम से स्टेशनों पर संदिग्धों की तत्काल पहचान करना और उन पर त्वरित कार्रवाई करना संभव हो सकेगा।
ड्रग्स और अवैध कबाड़ माफिया पर संयुक्त प्रहार
रेलवे का उपयोग कर की जाने वाली मादक पदार्थों की तस्करी और रेलवे संपत्ति की चोरी को रोकने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई है। बैठक में प्रमुख निर्णय लिए गए:
- संयुक्त चेकिंग टीम: गांजा, हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस की संयुक्त ‘सरप्राइज चेकिंग टीम’ गठित की जाएगी।
- कबाड़ कारोबार पर नकेल: रेलवे संपत्ति की चोरी कर उसे खपाने वाले अवैध कबाड़ कारोबारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ ‘रेलवे संपत्ति (अनधिकृत कब्जा) अधिनियम’ के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- रात्रि गश्त और निगरानी: रात के समय रेलवे परिसरों में असामाजिक तत्वों के जमावड़े को रोकने के लिए रात्रि में रुकने वाली ट्रेनों की 100 प्रतिशत चेकिंग और नियमित गश्त सुनिश्चित की जाएगी।
- साइबर सुरक्षा: रेलवे वाई-फाई के दुरुपयोग को रोकने और भड़काऊ पोस्ट या साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए विशेष साइबर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
ट्रैफिक और बुनियादी ढांचा सुधार पर जोर
बैठक में केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुविधा और यातायात प्रबंधन पर भी गहन चर्चा हुई। सक्ती के जेठा स्टेशन अंडरब्रिज में आ रही तकनीकी दिक्कतों के समाधान के लिए एक संयुक्त सर्वे टीम का गठन किया गया है। इसके अलावा, पेंड्रा, खरसिया और सक्ती में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए फ्लाईओवर निर्माण के प्रस्तावों पर विचार किया गया। वहीं, बाराद्वार के ‘संडे मार्केट’ के दौरान रेलवे फाटक पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।
