सीकर के रैवासा में संतों की हुंकार: गौ हत्या के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान
सीकर जिले के रैवासा में जल्द ही देशभर के संत-महंत और गोसेवकों का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसका मुख्य एजेंडा गौ संरक्षण और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है। रैवासा स्थित अग्र पीठ के पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने गौ हत्या रोकने के लिए कठोर कानून नहीं बनाए और गाय को ‘राष्ट्रीय माता’ का दर्जा नहीं दिया, तो संत समाज अब आर-पार की लड़ाई के लिए मजबूर होगा। यह घोषणा उन्होंने रैवासा आश्रम में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान की।
दिल्ली तक होगा आंदोलन: राजेंद्र दास महाराज की दो-टूक
राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत अब तक तहसील और जिला स्तरों पर रैलियां और हस्ताक्षर अभियान चलाए जा चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि संतों का काम प्रयास करना है और कानून बनाना सरकार का दायित्व है। यदि सरकार ने संतों की मांगों को नजरअंदाज करना जारी रखा, तो आंदोलन का स्वरूप और बड़ा होगा।
- आंदोलन की रूपरेखा: संतों की आगामी महासभा में राज्य की राजधानियों से लेकर दिल्ली तक पड़ाव डालने की रणनीति तैयार की जाएगी।
- मुख्य मांगें: गौ हत्या पर कठोर कानून का निर्माण और गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा देना।
- चेतावनी: सरकार नहीं जागी तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।
गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब
रैवासा आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की। भक्तों ने राजेंद्र दास महाराज के चरणों में गुरु दक्षिणा अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान जिला क्रिकेट संघ के कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी, मुकेश शर्मा, अमित चिरानिया और सज्जन शर्मा समेत कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
देवीपुरा बालाजी मंदिर में विशेष अनुष्ठान
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सिद्धपीठ देवीपुरा बालाजी मंदिर में भी धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही। मंदिर परिसर में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। अभिषेक पुजारी के अनुसार, इस विशेष दिन पर भगवान बालाजी का भव्य श्रृंगार और विधि-विधान से अभिषेक किया गया। भक्तों ने मंदिर पहुंचकर सुख-समृद्धि की कामना की और बालाजी महाराज के दर्शन का लाभ उठाया।










