उज्जैन में सावन की पहली बारिश: जलभराव से थमी रफ्तार, सीजन में अब तक 482 मिमी वर्षा दर्ज
सावन के पहले दिन गुरुवार को उज्जैन में झमाझम बारिश ने दस्तक दी। सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुए तेज बारिश के दौर ने शहर को तरबतर कर दिया। लगभग दो घंटे तक रुक-रुक कर हुई इस मूसलाधार बारिश के चलते कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। दोपहर एक बजे के बाद बारिश थमी और धूप खिलने के साथ ही सड़कों पर वाहनों का लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इन इलाकों में रही जलभराव की समस्या
बारिश के कारण शहर के निचले और प्रमुख चौराहों पर जल निकासी की समस्या सामने आई। मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में राहगीरों और वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई:
- नीलगंगा और देवास गेट चौराहा
- चामुंडा माता मंदिर और इंदौर गेट
- नई सड़क और एटलस चौराहा
- गदा पुलिया और केडी गेट
मानसून की सक्रियता और आगे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य प्रदेश में वर्तमान में मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन एक साथ सक्रिय हैं। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। उज्जैन की वेधशाला के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को शहर में 20.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जबकि गुरुवार सुबह तक इस मानसून सीजन में कुल 482 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।
किसानों को अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार
हालांकि उज्जैन में अब तक हुई वर्षा का आंकड़ा संतोषजनक है, लेकिन शहरवासियों और किसानों की नजरें अभी भी निरंतर झमाझम बारिश पर टिकी हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि जल स्रोतों में पर्याप्त जल स्तर बनाए रखने और खरीफ की फसलों को भरपूर लाभ पहुंचाने के लिए अभी और बारिश की आवश्यकता है। फिलहाल, दोपहर बाद खिली धूप से मौसम में उमस बढ़ने की संभावना जताई गई है।










