Bharatpur News: 11वीं के छात्र की बेरहमी से पिटाई, हालत गंभीर


राजस्थान के डीग जिले के बृज नगर स्थित एक निजी स्कूल में 11वीं कक्षा के छात्र के साथ मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि बस की सीट का कवर फटने और हैंगर टूटने की शिकायत पर स्कूल संचालक विपिन गर्ग और बस ड्राइवर वासुदेव शर्मा ने छात्र को बेरहमी से डंडों…

डीग के निजी स्कूल में छात्र के साथ बर्बरता: बस में तोड़फोड़ के शक में संचालक और ड्राइवर ने पीटा

राजस्थान के डीग जिले के बृज नगर स्थित एक निजी स्कूल में 11वीं कक्षा के छात्र के साथ मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि बस की सीट का कवर फटने और हैंगर टूटने की शिकायत पर स्कूल संचालक विपिन गर्ग और बस ड्राइवर वासुदेव शर्मा ने छात्र को बेरहमी से डंडों और बेल्ट से पीटा। इस घटना के बाद छात्र बेहोश हो गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गंभीर आरोप: इलाज में लापरवाही और साक्ष्य मिटाने की कोशिश

पीड़ित छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि मारपीट के बाद छात्र की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे उपजिला चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसे वहां किसी दूसरे नाम से भर्ती किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि:

  • परिजनों को करीब 4 से 5 घंटे तक छात्र से मिलने नहीं दिया गया।
  • अस्पताल में छात्र की मेडिकल पर्ची तक फाड़ दी गई।
  • छात्र को इलाज के नाम पर एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया।

गंभीर चोटें और आगे की कानूनी कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, छात्र के सिर, कान और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। लगातार चक्कर आने और बेहोश होने की समस्या के बाद चिकित्सकों ने सिर में गहरी चोट की आशंका जताई है। फिलहाल छात्र की स्थिति नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते उसे बृज नगर से भरतपुर के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया है।

इस मामले पर बृज नगर थाना प्रभारी लाखन सिंह ने बताया कि घटना 27 जुलाई की है और 28 जुलाई को परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब स्कूल और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और स्टाफ के बयानों को खंगाल रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में साक्ष्य छिपाने, फर्जी नाम से भर्ती कराने या बंधक बनाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की अन्य कड़ी धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।