चूरू पोक्सो कोर्ट का फैसला: नाबालिग से रेप और जहर पिलाने के दोषी को 10 साल की सजा
राजस्थान के चूरू स्थित पोक्सो कोर्ट प्रथम ने नाबालिग से दुष्कर्म और उसे जहर देकर जान से मारने के प्रयास के मामले में एक आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला भालेरी थाना क्षेत्र का है, जो वर्ष 2024 में दर्ज किया गया था। कोर्ट ने साक्ष्यों और दस्तावेजों के गहन अवलोकन के बाद यह फैसला सुनाया है।
क्या था पूरा मामला?
विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) सहारण के अनुसार, आरोपी ने 16.5 वर्षीय पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। अपराध के दौरान आरोपी ने पीड़िता के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बना लिए थे। इसके बाद, वह इन डिजिटल साक्ष्यों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता पर लगातार शादी करने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर आरोपी पीड़िता को आत्महत्या का झूठा आरोप लगाने की धमकी भी देता था।
जहर पिलाने की घटना और कानूनी कार्रवाई
मामला तब गंभीर हो गया जब अगस्त 2024 में आरोपी ने पीड़िता को स्कूल के पीछे बुलाया और उसे जबरन जहर पिला दिया। जहर के प्रभाव से पीड़िता की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए बीकानेर रेफर करना पड़ा। अस्पताल में उपचाराधीन पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद उसके पिता ने भालेरी थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
न्यायिक प्रक्रिया के मुख्य बिंदु
- फैसला: कोर्ट ने आरोपी को पोक्सो एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया।
- दंडात्मक कार्रवाई: 10 साल का कठोर कारावास और 35 हजार रुपये का अर्थदंड।
- साक्ष्य: सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाहों के बयान और 38 महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया।
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं पर विचार किया और पीड़िता को न्याय दिलाते हुए सजा सुनाई। यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों में कानूनी सख्ती का एक बड़ा उदाहरण है।










