कोरिया ट्रिपल मर्डर केस: सीबीआई की 6 सदस्यीय टीम पहुंची जांच के लिए, रेत तस्करी के विवाद में गई थी 3 लोगों की जान
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। इस मामले की गहन पड़ताल के लिए सीबीआई की 6 सदस्यीय टीम कोरिया पहुंच चुकी है। यह टीम आज घटनास्थल यानी नौगईं गांव का दौरा करेगी और मामले से जुड़ी केस डायरी अपने कब्जे में लेगी। गौरतलब है कि रेत तस्करी के वर्चस्व को लेकर हुए विवाद में भाजपा नेता की कार को आग के हवाले कर उन्हें जिंदा जला दिया गया था।
क्या है पूरा मामला?
घटना 16 जून की रात की है। नौगईं गांव में आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत भाजपा नेता की फॉर्च्यूनर कार को रोका और उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कार में एक ही परिवार के 5 लोग सवार थे। इस वीभत्स घटना में भाजपा नेता लल्ला सिंह और नागेंद्र सिंह की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, आरोपियों ने भाजपा नेता के भाई विरेंद्र सिंह की हत्या फरसे से गला काटकर कर दी। इस हमले में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार अभी भी जारी है।
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आरोपियों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत 4 लोगों को मनेन्द्रगढ़ थाने में सरेंडर करवाया था। इसके अलावा, पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों से छापेमारी कर 5 अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन सभी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
| घटना का विवरण | प्रमुख जानकारी |
|---|---|
| कुल मृतक | 3 |
| मुख्य आरोपी | मनोज त्रिपाठी एवं अन्य |
| जांच एजेंसी | CBI (6 सदस्यीय टीम) |
| विवाद का कारण | रेत तस्करी और अवैध वसूली |
रेत तस्करी और वर्चस्व की लड़ाई बनी मौत की वजह
छानबीन में सामने आया है कि यह हत्याकांड लंबे समय से चल रहे रेत के अवैध कारोबार और वसूली के विवाद का नतीजा है। लल्ला सिंह के परिवार और मनोज त्रिपाठी के परिवार के बीच पिछले कई महीनों से तनाव चल रहा था। विवाद की मुख्य वजहें निम्नलिखित थीं:
- अवैध वसूली: रेत घाटों से निकलने वाली गाड़ियों से प्रति हाईवा 1000 रुपये की अवैध वसूली को लेकर दोनों गुट आमने-सामने थे।
- राजनीतिक रसूख: मृतक लल्ला सिंह विधायक भैयालाल राजवाड़े के करीबी थे, जबकि मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी का जुड़ाव पूर्व केंद्रीय मंत्री और विधायक रेणुका सिंह से बताया जाता है।
- मारपीट की घटना: हत्याकांड से कुछ दिन पहले दोनों परिवारों के बीच मारपीट हुई थी, जिसके बाद सोनहत थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी रंजिश ने बाद में खूनी रूप ले लिया।
सीबीआई की टीम अब इस पूरे घटनाक्रम और राजनीतिक कनेक्शन की बारीकी से जांच करेगी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा तैयार की गई केस डायरी आज सीबीआई को सौंप दी जाएगी, जिसके बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होगी।










