राजस्थान में मानसून की सुस्ती: श्रीगंगानगर में गर्मी और उमस से बेहाल लोग, किसानों की बढ़ी चिंता
राजस्थान में मानसून की सक्रियता अचानक धीमी पड़ गई है, जिसका सीधा असर प्रदेश के श्रीगंगानगर जिले पर देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से जिला पूरी तरह से शुष्क बना हुआ है, जिससे स्थानीय लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान हैं। तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
मानसून की बेरुखी का सबसे बुरा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। खरीफ की फसलों की बिजाई का महत्वपूर्ण समय लगभग बीत चुका है, लेकिन बारिश न होने के कारण किसानों ने बहुत कम रकबे में बुवाई की है। जो फसलें पहले से खेतों में खड़ी हैं, वे भी पानी की कमी के कारण सूख रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई, तो फसल उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
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तापमान और मौसम का हाल
श्रीगंगानगर स्थित मौसम रडार स्टेशन के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले दिनों के तापमान का विवरण नीचे दिया गया है:
| दिन | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
|---|---|---|
| शनिवार | 29.5 डिग्री | 41.7 डिग्री |
| रविवार | 32.4 डिग्री | 38.0 डिग्री |
| सोमवार | 28.0 डिग्री | – |
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, 14 और 15 जुलाई को हनुमानगढ़ जिले में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, श्रीगंगानगर में मौसम के शुष्क रहने के आसार हैं। आगामी दो-तीन दिनों के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे जनजीवन और प्रभावित हो सकता है।
बिजली कटौती ने बढ़ाई मुसीबत
- भीषण उमस: गर्मी के साथ बढ़ती उमस ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है।
- बिजली संकट: बार-बार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी को दोगुना कर दिया है, जिससे कूलर और पंखे भी राहत नहीं दे पा रहे हैं।
- फसल उत्पादन: बारिश की कमी से इस बार पैदावार पर बुरा असर पड़ने की प्रबल आशंका है।
फिलहाल, श्रीगंगानगर के निवासियों और किसानों को मानसून की अगली सक्रियता का बेसब्री से इंतजार है ताकि उन्हें इस चिलचिलाती गर्मी और फसल बर्बादी के संकट से राहत मिल सके।










