Weather Update: एमपी के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन के एक साथ सक्रिय होने से राज्य में अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग (IMD) ने मालवा-निमाड़ सहित प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की…

मध्य प्रदेश में सक्रिय हुए तीन वेदर सिस्टम, अगले 4 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन के एक साथ सक्रिय होने से राज्य में अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग (IMD) ने मालवा-निमाड़ सहित प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बालाघाट समेत कई इलाकों में बुधवार को हुई तेज बारिश के बाद जनजीवन प्रभावित हुआ है, जहां पेड़ गिरने और नदी-नाले उफान पर आने की खबरें हैं।

इन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है:

  • ऑरेंज अलर्ट (अति भारी बारिश): धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम।
  • येलो अलर्ट (भारी बारिश): उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, रायसेन, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी।
  • इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा संभाग के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

बारिश का कोटा अभी भी पीछे

लगातार बारिश के बावजूद मध्य प्रदेश अभी भी मानसून की औसत बारिश के आंकड़ों में पीछे चल रहा है। प्रदेश में अब तक औसतन 14.1 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 16 प्रतिशत कम है। आंकड़ों के अनुसार:

  • प्रदेश के 47 जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है।
  • भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर और बुरहानपुर जैसे कुछ जिले ऐसे हैं जहां औसत से अधिक वर्षा हुई है।
  • देवास जिला सामान्य से 29 प्रतिशत अधिक बारिश के साथ सबसे आगे है।

जुलाई का महत्व और ऐतिहासिक रिकॉर्ड

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की कुल बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जुलाई महीने में ही होता है। राज्य के प्रमुख शहरों में जुलाई की बारिश का ट्रेंड इस प्रकार है:

  • भोपाल: यहां जुलाई में औसतन 14.4 इंच बारिश होती है। 1986 में जुलाई में 41 इंच बारिश का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था।
  • इंदौर: जुलाई की औसत बारिश 12 इंच है। यहां 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
  • जबलपुर: यह प्रदेश के उन शहरों में शामिल है जहां जुलाई में सबसे अधिक (औसतन 17 इंच) बारिश होती है।
  • ग्वालियर: प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में यहाँ बारिश का औसत कम (लगभग 9 इंच) रहता है।

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय वेदर सिस्टम का असर 2 अगस्त तक बना रहेगा, जिससे प्रदेश में बारिश की कमी पूरी होने की उम्मीद है। प्रशासन ने नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।